लद्दाख में तनाव के बीच आज पुलिस स्‍मृति दिवस, गृह मंत्री ने 1959 के चीनी घात की याद दिलाई

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 21, 2020, 09:27 AM IST

National Police Memorial: राष्ट्रीय पुलिस स्‍मृति दिवस दिवस के अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच मौजूदा तनाव को देखते हुए इसे काफी अहम माना जा रहा है।

लद्दाख में तनाव के बीच आज पुलिस स्‍मृति दिवस, गृह मंत्री ने 1959 के चीनी घात की याद दिलाई
Photo Credit: ANI

नई दिल्‍ली : पूर्वी लद्दाख में चीन से तनाव के बीच आज पुलिस स्‍मृति दिवस (Police Commemoration Day) मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान ट्वीट कर शहीदों को नमन किया। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चाणक्‍यपुरी स्थित राष्‍ट्रीय पुलिस स्‍मारक पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। गृह मंत्री शहीदों की याद में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि हैं।

राष्‍ट्रीय पुलिस स्‍मृति दिवस पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके प्रति आभार जताया। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'पुलिस स्‍मृति दिवस देशभर में हमारे पुलिसकर्मियों और उनके परिवार के प्रति आभार व्‍यक्‍त करने का दिन है। हम ड्यूटी के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनका बलिदान और उनकी सेवा को हमेशा याद रखा जाएगा।'

गृह मंत्री का संबोधन

वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली के चाणक्‍यपुरी में स्थित राष्‍ट्रीय पुलिस स्‍मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और देशसेवा में जान कुर्बान कर देने वाले पुलिसकर्मियों को नमन करते हुए उनके बलिदान को याद किया। उन्‍होंने कारोनो वायरस संक्रमण के खिलाफ पुलिसकर्मियों के योगदान को भी सराहा और कहा कि देश इसके लिए हमेशा उनका कर्जदार रहेगा।

पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनातनी के बीच उन्‍होंने यह याद भी दिलाई कि आखिर इस खास दिन को हम क्‍यों मनाते हैं। गृह मंत्री ने 21 अक्‍टूबर, 1959 को चीनी सैनिकों द्वारा लद्दाख के हॉट स्प्रिंग एरिया में भारतीय पुलिस पार्टी पर घात लगाकर किए गए हमले का जिक्र करते हुए कहा, 'आज का दिन वही दिन है, जब 10 बहादुर सीआरपीएफ जवानों ने संख्‍या और शस्‍त्र में अपने से कई गुना अधिक चीनी टुकड़ी का सामना करते हुए देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। इसलिए हम 1960 से ही इस दिन को मनाते हैं।'

अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने कहा कि विगत दो-तीन दशकों में पुलिस का काम कई क्षेत्रों में बढ़ा है। आतंकवाद, फेक करंसी, नार्कोटिक्‍स, शस्‍त्रों की तस्‍करी, मानव तस्‍करी, महिलाओं के खिलाफ अपराध के कई मामले पुलिस के सामने आए। ऐसे में आवश्‍यकता इस बात की है कि बलों को नई चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जाए। उन्‍होंने कहा कि आज देश में शांति है तो इसका श्रेय सुरक्षा बलों व पुलिस की जागरुकता को जाता है, जिनकी बदौलत आज सभी सुरक्षित हैं।

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