क्या कोविड की दूसरी लहर के दौरान मची तबाही है स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के इस्तीफे की वजह?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 7, 2021, 04:58 PM IST

Harsh Vardhan resign: मोदी कैबिनेट के विस्तार से पहले कई मंत्रियों के इस्तीफे हुए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी इस्तीफा दे दिया है। अब देश को नया स्वास्थ्य मंत्री मिलेगा।

क्या कोविड की दूसरी लहर के दौरान मची तबाही है स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के इस्तीफे की वजह?

नई दिल्ली: आज शाम को 6 बजे केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल या विस्तार होने जा रहा है। उससे पहले कई मंत्रियों के इस्तीफे हो गए हैं। अभी तक इन मंत्रियों से इस्तीफे लिए गए हैं, डॉक्टर हर्षवर्धन, रमेश पोखरियाल निशंक, संतोष गंगवार,  संजय धोत्रे, बाबुल सुप्रियो, राव साहेब दानवे पाटिल, सदानंद गौड़ा, रतन लाल कटारिया, प्रताप सारंगी, देबोश्री चौधरी और थावरचंद गहलोत। 

इन सबमें स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का इस्तीफा सबसे ज्यादा हैरान करने वाला है। उनके इस्तीफे से सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार ने मान लिया है कि वो कोरोना वायरस की दूसरी लहर से अच्छे से नहीं निपट पाई। ये भी कहा जा रहा है कि क्या दूसरी लहर के दौरान जो तबाही मची उसी के कारण हर्षवर्धन का इस्तीफा हुआ है? 

दूसरी लहर के दौरान कोरोना का कहर जिस तरह पड़ा उससे हर कोई वाकिफ है। उसे एक तरह से सरकार की विफलता कहा जा सकता है। डॉ. हर्षवर्धन स्वयं एक चिकित्सक हैं और उनके पास स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय का भी प्रभार था। कोविड-19 महामारी के दौरान कुछ टिप्पणियों को लेकर हर्षवर्धन को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस दौरान उन्होंने स्थिति से निपटने के तरीके को लेकर सरकार का पुरजोर बचाव किया था। अब देश को नया स्वास्थ्य मंत्री मिलेगा। ऐसे में ये देखना होगा कि तीसरी लहर के दौरान सरकार की किस तरह तैयारियां होंगी।

कई मंत्रियों का होगा प्रमोशन

सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिपरिषद विस्तार में 43 चेहरों को शामिल किया जा सकता हैं। साथ ही कुछ मंत्रियों को पदोन्नत किया जा सकता है। इस मंत्रिपरिषद में युवाओं और प्रशासिनक क्षमता वाले नेताओं को शामिल किया जा सकता हैं। इनमें चार पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री से मिलने वाले सभी नेता, शाम छह बजे राष्ट्रपति भवन के अशोक हॉल में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में, मंत्री पद की शपथ लेंगे। प्रधानमंत्री के रूप में मई 2019 में 57 मंत्रियों के साथ अपना दूसरा कार्यकाल आरंभ करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल व विस्तार करने वाले हैं। 

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