सबसे कम उम्र में नोबेल पुरस्कार पाने वाली मलाला युसूफजई के नाम एक और उपलब्धि, UN ने दिया ये सम्मान

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Updated Dec 26, 2019 | 17:53 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

सबसे कम उम्र में नोबेल पुरस्कार पाने वाली पाकिस्तानी नागरिक मलाला यूसुफजई को संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में 'दशक की सबसे प्रसिद्ध टीनेजर' घोषित किया है।

MALALA YOUSAFZAI
मलाला युसूफजई  

मुख्य बातें

  • UN ने मलाला यूसुफजई को दशक की सबसे प्रसिद्ध टीनेजर घोषित किया
  • बच्चों व लड़कियों की शिक्षा के अधिकार के लिए आवाज उठाने के लिए जानी जाती हैं मलाला
  • पाकिस्तान की मलाला को अपनी इसी लड़ाई के लिए तालिबानियों की गोली खानी पड़ी थी
  • 2014 में सबसे कम उम्र में नोबाल पुरस्कार पाने वाली शख्स बनी थी मलाला

नई दिल्ली : पाकिस्तान की स्वात घाटी में तालिबानी आतंकियों की गोली की शिकार हुई मलाला यूसुफजई आज किसी परिचय की मोहताज नहीं है। पाकिस्तान में लड़कियों की पढ़ाई लिखाई की बेधड़क वकालत करने वाली मलाला यूसुफजई ने सबसे कम उम्र में नोबेल पुरस्कार पाने वाली नागरिक का खिताब अपने नाम किया था।

अब मलाला के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने मलाला यूसुफजई को दुनिया की सबसे प्रसिद्ध व लोकप्रिय टीनेजर (The most famous teenager in the world) घोषित किया है।

UN ने जारी किया 'Decade in Review' रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र ने अपने 'Decade in Review' रिपोर्ट में इस बात की घोषणा की है। इस रिव्यू श्रंखला के पहले भाग में 2010 से लेकर 2013 के बीच दुनिया भर की घटनाओं का जिक्र किया गया है। इसमें यूएन ने 2010 में हैती में आए भयंकर भूकंप का भी जिक्र किया है जो वहां के नागरिकों के लिए जलजला लेकर आया था।

इसके अलावा 2011 में शुरु हुए सीरियाई युद्ध का भी जिक्र है। वहीं 2012 में मलाला यूसुफजई ने लड़कियों की शिक्षा के अधिकार के लिए जिस लड़ाई की शुरूआत की थी उसका भी जिक्र इस रिपोर्ट में किया गया है। मलाला को इसके लिए तालिबानियों की बंदूक की गोली खानी पड़ी थी जिसके बाद दुनियाभर में वह सुर्खियों में आई थी और हर किसी ने इस घटना की निंदा की थी।

2014 में मिला था नोबेल पुरस्कार
साल 2014 में बाल अधिकारों की खातिर लड़ने के लिए मलाला यूसुफजई नोबेल पुरस्कार पाने वाली सबसे कम उम्र की शख्स बनी।जिस साल मलाला पर तालिबानियों ने हमला किया था उसी साल मानवता अधिकार दिवस के दिन पेरिस स्थित यूनेस्को (UNESCO) हेडक्वार्टर में मलाला को खास ट्रिब्यूट दिया गया था।

मलाला की इस लड़ाई से दुनियाभर में चल रहे बाल शिक्षा अधिकार व महिला शिक्षा अधिकारों की लड़ाई को और बल मिला। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने अपने रिपोर्ट में मलाला का जिक्र करते हुए दुनियाभर में लड़कियों की शिक्षा को आवश्यक बताया।

मलाला को 2017 में संयुक्त राष्ट्र की तरफ से शांति दूत घोषित किया गया जिसका मूल मकसद लड़कियों की शिक्षा पर फोकस करना था। 22 वर्षीय मलाला को हाल ही में वोग मौगजीन के दशक के अंतिम संस्करण के लिए भी टीन वोग घोषित गया जिसमें उन्हें बतौर कवर पर्सन चुना गया था।  

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