आज का इतिहास, 4 दिसंबर: वायसराय लार्ड विलियम बेंटिक ने सती प्रथा पर लगाई रोक 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 4, 2021, 05:30 AM IST

Today History 03 December in Hindi (आज का इतिहास): भारतीय इतिहास में 4 दिसंबर का महत्वपूर्ण स्थान है। कई ऐसी घटनाएं घटी, जिसे भूल नहीं सकते।

आज का इतिहास, 4 दिसंबर: वायसराय लार्ड विलियम बेंटिक ने सती प्रथा पर लगाई रोक 

नई दिल्ली : क्या कोई समाज किसी ऐसी घटना की कल्पना कर सकता है, जिसमें पति की मौत के बाद उसकी जीती जागती पत्नी को भी जलने के लिए मजबूर किया जाए और इसे प्रथा का नाम देकर सही भी ठहराया जाए। सती प्रथा एक ऐसी ही कुप्रथा थी, जिसमें पति के निधन के बाद उसकी पत्नी को उसकी चिता में जीते जी झोंक दिया जाता था और भारत में व्याप्त इस कुप्रथा को खत्म करने का श्रेय अंग्रेज वायसराय विलियम बेंटिक को जाता है, जिन्होंने चार दिसंबर 1829 को सती प्रथा पर रोक लगा दी। लार्ड बेंटिक भारतीय समाज से तमाम बुराइयां खत्म करने के हिमायती थे और उन्होंने कन्या वध की कुप्रथा का भी अंत किया था।

देश दुनिया के इतिहास में चार दिसंबर की तारीख में दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

1796 - बाजीराव द्वितीय पेशवा बनाए गए।
1829 - वायसराय लार्ड विलियम बेंटिक ने सती प्रथा को समाप्त करने का ऐलान किया।
1860 - गोवा में मरगाव के निवासी अगस्टिनो लॉरेंसो ने पेरिस विश्वविद्यालय से रसायन विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि ली। वह विदेशी विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि लेने वाले पहले भारतीय थे।
1952 - इंग्लैंड में स्मॉग की घनी परत छाने के कारण हजारों लोगों की जान चली गई।
1959 - भारत और नेपाल के बीच गंडक सिंचाई एवं विद्युत परियोजना पर हस्ताक्षर किए गए।
1967 - देश के पहले रॉकेट ‘रोहिणी आरएच 75’ का थुम्बा से प्रक्षेपण किया गया।
1977 - मिस्र के विरुद्ध अरब मोर्चे का गठन किया गया।
1984 - हिज्बुल्ला आतंकवादियों ने कुवैत एयरलाइन के विमान का अपहरण कर चार यात्रियों की हत्या कर दी।
1991 : लेबनान में अंतिम अमेरिकी बंधक को सात वर्ष की कैद के बाद रिहा कर दिया गया।
1996 - अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मंगल ग्रह की सतह के अध्ययन के लिए एक और अंतरिक्ष यान 'मार्स पाथफाउंडर' प्रक्षेपित किया।
2006 - फिलीपीन में भीषण तूफ़ान के बाद ज़मीन धंसने से लगभग एक हज़ार लोगों की मौत।
2008 - प्रसिद्ध इतिहासकार और प्राचीन भारतीय इतिहास की अध्ययनकर्ता रोमिला थापर को क्लूज सम्मान के लिये चुना गया।










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