यह तो संवैधानिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाला, अरविंद केजरीवाल की अपील पर 56 अवकाश प्राप्त नौकरशाहों को ऐतराज

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 16, 2022, 09:51 AM IST

अवकाश प्राप्त नौकरशाहों द्वारा चिट्ठी लिखना कोई नई बात नहीं है। गुजरात दौरे पर गए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने सरकारी कर्मचारियों से कुछ अपील और कुछ वादे किए जिसे 56 अवकाश प्राप्त नौकरशाहों ने सही नहीं बताया है और इस संबंध में चुनाव आयोग की चिट्ठी लिखी है।

यह तो संवैधानिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाला, अरविंद केजरीवाल की अपील पर 56 अवकाश प्राप्त नौकरशाहों को ऐतराज

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के दौरे पर सरकारी कर्मचारियों से जो अपील की उसके खिलाफ 56 अवकाशप्राप्त नौकरशाहों को ऐतराज है। उन्होंने चुनाव आयोग को खत लिखकर इस तरह की अपीलों और वादों पर रोक लगाने की मांग की है। अरविंद केजरीवाल वे एक प्रेस कांफ्रेस में पुलिस वालों के लिए, प्रशासनिक कमान संभाल रहे लोगों के लिए ऐलान किया था कि सत्ता में आने पर सुविधाएं देंगे। खासतौर से मामला वेतन और ग्रेड पे से संबंधित था। 

चुनाव आयोग को खत
56 अवकाश प्राप्त अधिकारियों ने ऐतराज जताते हुए कहा है कि यह संवैधानिक मुल्यों के खिलाफ है। इस संबंध में चुनाव आयोग को इन अधिकारियों ने खत भी लिखा है। कर्नाटक के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी उनमें से एक हैं। उन्होंने कहा कि करीब 20 दिन पहले राजकोट में सीएम अरविंद केजरीवाल ने जो वो उन लोगों को परेशान करने वाला है जो संविधान में भरोसा करते हैं।

ग्रेड पे, वेतन से संबंधित थे अपील और वादे
अरविंद केजरीवाल की सरकारी  कर्मचारियों खासतौर से ड्राइवर्स, कंडक्टर्स और पुलिस के सिपाहियों के संबंध में किए गए वादे और अपील असंतुलित और विवादास्पद है। हमारी आस्था और जवाबदेही भारत के संविधान के प्रति है। यह लोकतांत्रिक क्रियाकलापों के लिए उचित नहीं है। इस तरह की प्रवृत्ति पर लगाम लगाए जाने की आवश्यकता है। 

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