'Brahmastra' ही नहीं...ये भी रहे बेहद घातक अस्त्र-शस्त्र, जानें- पौराणिक काल में कौन-कौन से थे अचूक हथियार?

देश
अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ता | Principal Correspondent
Updated Sep 06, 2022 | 18:06 IST

Most Powerful Weapons In Hindu Epics: ब्रह्मास्त्र को लेकर मान्यता है कि जो भी इसकी चपेट में आता है, वह पूरी तरह खत्म हो जाता है। सबसे खास बात यह है कि इसकी मारक शक्ति अचूक थी।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। 

Most Powerful Weapons In Hindu Epics: बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर स्टारर फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' (Brahmastra Part One: Shiva) के मद्देनजर यह अस्त्र एक बार फिर से सुर्खियों में है। कहा जाता है कि भगवान ब्रह्मा ने इसे धर्म और सत्य को बरकरार रखने के मकसद से बनाया था। मान्यता है कि जो भी इसकी चपेट में आता है, वह पूरी तरह खत्म हो जाता है। सबसे खास बात यह है कि इसकी मारक शक्ति अचूक थी। वैसे, ब्रह्मास्त्र के अलावा पौराणिक काल में कुछ और बेहद घातक व शक्तिशाली अस्त्र-शस्त्र भी रहे, जिनका उल्लेख महाभारत और रामायण सरीखे पुराणों में मिलता है। आइए, जानते हैं ऐसे ही कुछ खतरनाक अचूक हथियारों के बारे में:

इंद्रास्त्र 
इंद्रास्त्र (Indrastra) देवराज इंद्र का अस्त्र था। वह जो 'वज्र' इस्तेमाल करते थे, उसे ही इंद्रास्त्र कहा जाता था। महाभारत में इसका इस्तेमाल किया गया था। वहीं, रामायण में लक्ष्मण ने इसी के जरिए मेघनाद का वध किया था, जबकि श्री राम ने इसे चलाकर कुंभकरण को मारा था।

वास्वि शक्ति
वास्वि शक्ति (Vasvi Shakti) के जरिए कर्ण ने घटोतकच्छ को मारा था। उन्हें यह शक्ति अपने कवच और कुंडल के बदले इंद्र देवता से मिली थी, जिसका सिर्फ वह एक बार ही इस्तेमाल कर सकते थे। 

रौद्रास्त्र
अर्जुन ने स्वर्ग में हजारों काल के दैत्यों-राक्षसों का वध इसी रौद्रास्त्र (Raudrastra) की मदद से किया था। वह इसका इस्तेमाल कर्ण पर भी करने वाले थे, पर उन्होंने इसे वापस ले लिया (कर्ण के रथ का पहिया तब धंस गया था) था। राम ने इसका इस्तेमाल कुंभकरण पर किया था। 

वज्रास्त्र
इंद्र के पास जो वज्र था उसे वज्रास्त्र (Vajrastra) कहा जाता था। इस अत्यधिक शक्तिशाली हथियार को चलाने पर इतनी उर्जा निकलती थी कि यह लाखों प्राणियों को पल भर में भस्म कर सकती थी। इंद्र ने इसके जरिए वल और वत्र जैसे बलशाली राक्षसों की हत्या की थी। उन्होंने इसके जरिए बाल हनुमान को भी अचेत कर दिया था।

वैष्णवास्त्र
भगवान विष्णु से ग्रहण किया जाने वाले वैष्णवास्त्र (Vaishnavastra) के बारे में प्रभु श्रीराम को ज्ञान था। महाभारत में इसका इस्तेमाल अर्जुन पर किया गया था। हालांकि, इसे श्रीकृष्ण ने इसे अपने ऊपर ले लिया था तो वह फूल के एक माला में तब्दील हो गया था। ऐसा इसलिए, क्योंकि श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के ही अवतार हैं। 

ब्रह्मशीर
भगवान ब्रह्मा का सबसे शक्तिशाली माने जाने वाले ब्रह्मशीर (Brahmashira) को ब्रह्मास्त्र से भी ताकतवर माना जाता था। रामायण काल में इसका ज्ञान राम-लक्ष्मण को था, पर उन्होंने इसे कभी इस्तेमाल नहीं किया। महाभारत में इसके बारे में गुरु द्रोण, अर्जुन और अश्वत्थामा को था। कुरुक्षेत्र के युद्ध के आखिर में अश्वत्थामा ने इसे अर्जुन पर चला दिया था, जिसके बाद में दूसरी ओर मोड़ दिया गया था। 

नारायणास्त्र
नारायणास्त्र (Naranayanastra) भगवान विष्णु का शक्तिशाली हथियार माना जाता था। रोचक बात है कि इसका प्रतिरोध करने पर यह और शक्तिशाली हो जाता था। महाभारत में इसका इस्तेमाल अश्वत्थामा ने पांडवों की सेना पर किया था, जिसके बाद कुछ ही वक्त में पांडवों की सेना की एक टुकड़ी नष्ट हो गई थी। श्रीकृष्ण ने इसके बाद सबको इसके आगे नतमस्तक होने की सलाह दी थी। 

पाशुपतास्त्र 
पाशुपतास्त्र (Pashupatastra) भगवान शंकर का शक्तिशाली हथियार बताया जाता है, जो पूरे ब्रह्मांड को पलक झपकने से भी पहले खत्म करने में सक्षम बताया जाता है। त्रिपुरा तीन अविनाशी दानव नगरों को नष्ट करने के लिए उन्होंने इसी का प्रयोग किया था। इस बाण का निर्माण उन्होंने किया था, जिसका ज्ञान अर्जुन और राम को था। 

सुदर्शन चक्र
अच्छाई की बहाली दर्शाने वाला सुदर्शन चक्र (Sudarshan Chakra) अजयता, गति और मन को इंगित करता है। यह चक्र भगवान शिव के त्रिशूल जितना शक्तिशाली बताया जाता है। एक बार इसे छोड़ने पर इसे रोकना या काट पान असंभव बताया जाता था। श्रीकृष्ण ने इसी चक्र से शिशुपाल का वध किया था। महाभारत के मुताबिक, शिव ने विष्णु को यह प्रदान किया था। 

त्रिशूल  
भगवान शिव का त्रिशूल (Trishul) सारे अस्त्र-शस्त्रों के अधिक शक्तिशाली माना जाता है। इसके तीन मुख रचनात्मक उर्जाओं के रूपों (ईड़ा, पिंगला और सुषुम्ना) का प्रतिनिधित्व करते हैं। अगर शंकर भगवान इसे छोड़ दें तो यह महासागरों को सुखा सकता है और पूरे संसार का संहार कर सकता है।   

अस्त्र और शस्त्र में समझ लीजिए महीन फर्क
अस्त्र वे हथियार हैं, जिनके चलने-चलाने पर हमला करने वाले को उन्हें पकड़ना होता है। ये अस्त्र कहलाते हैं। मसलन तलवार, गदा और धनुष आदि। वहीं, शस्त्र ऐसे हथियार होते हैं, जिनके चलते समय हमला करने वाले और हथियार के बीच स्पर्श नहीं होता। सरल भाषा में समझें ये फेंक कर, यंत्रों की मदद से फेंके जाते या इन्हें लॉन्च किया जाता है। ये शस्त्र कहलाते है। इनके उदाहरण हैंः रोकेट, मिसाइल, गोले, भाला, तीर (मौजूदा परिदृश्यमें)।

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