Mukhtar Ansari: सभी पैंतरे नाकाम, मुख्तार अंसारी को पंजाब से आना ही होगा उत्तर प्रदेश

देश
ललित राय
Updated Apr 02, 2021 | 10:54 IST

पंजाब की मोहाली कोर्ट ने साफ कर दिया है कि मुख्तार अंसारी मामले में किसी मेडिकल बोर्ड की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही मोहाली जेल के सुपरिटेंडेंट से कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करें।

Mukhtar Anari: सभी पैंतरे नाकाम, मुख्तार अंसारी को पंजाब से आना ही होगा उत्तर प्रदेश
मुख्तार अंसारी फिलहाल पंजाब की जेल में बंद 

मुख्य बातें

  • मुख्तार अंसारी को आना ही होगा उत्तर प्रदेश, मोहाली कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड गठन की मांग को किया खारिज
  • अदालत ने मोहाली जेल के सुपरिटेंडेंट को सुप्रीम कोर्ट के आदेश को क्रियान्वित करने के लिए कहा
  • सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को दो हफ्ते के भीतर यूपी भेजने के दिए थे आदेश

नई दिल्ली। मुख्तार अंसारी यूपी के मऊ से विधायक हैं और इस समय पंजाब की जेल में है। यह बात अलग है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें दो हफ्तों के अंदर यूपी जाना है। लेकिन उससे पहले पंजाब में एक केस के सिलसिले में मोहाली कोर्ट में पेश हुए थे और एक बार फिर मेडिकल बोर्ड गठित करने की अपील की। लेकिन अदालत मे उनका अपील को ठुकराते हुए कहा कि उन्हें कोई नई बीमारी नहीं है लिहाजा मेडिकल बोर्ड गठित करने की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने मोहाली जेल के सुपरिटेंडेंट को आदेश दिया कि वो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करें। 

चर्चा में बुलेटप्रूफ एंबुलेंस
इन सबके बीच वो एंबुलेंस भी चर्चा में आ गई जिसके जरिए वो अदालत में दाखिल हुए थे। उस एंबुलेंस के बारे में बताया गया कि वो बाराबंकी में किसी प्राइवेट अस्पताल के नाम पर पंजीकृत है। लेकिन जब इस विषय में जांच पड़ताल हुई तो पता चला कि वो अस्पताल बाराबंकी में उस पते पर नहीं है और संबंधित कागजातों को गायब कर दिया गया था। इसके साथ यह भी पता चला कि एंबुलेंस को बुलेट प्रूफ बनाया गया था। अब सवाल यह है कि वो एंबुलेंस किसकी है। 
Mukhtar Ansari
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमआईसी) अमित बख्शी ने अंसारी की याचिका को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि शीर्ष अदालत के आदेश के बाद यह बताने के लिए रिकॉर्ड पर कुछ भी नहीं है कि आरोपी किसी नई चिकित्सा जटिलता का सामना कर रहा है।
मोहाली अदालत का यह आदेश बुधवार को एक व्हीलचेयर पर सुनवाई में शामिल होने के बाद आया है और उत्तर प्रदेश पंजीकरण प्लेट के साथ एम्बुलेंस में अदालत में भेजा गया था, जिसके बाद यूपी पुलिस ने एम्बुलेंस के स्वामित्व का पता लगाने के लिए जांच का आदेश दिया।एक विधायक के रूप में मऊ निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले अंसारी कथित तौर पर उत्तर प्रदेश में दर्ज गैंगस्टर्स एक्ट के तहत हत्या, हत्या, धोखाधड़ी और साजिश के अलावा विभिन्न मामलों में शामिल हैं।

एंटी सोशल तत्वों का समर्थन करती है कांग्रेस
उत्तर प्रदेश सरकार में आनंद स्वरूप शुक्ला के साथ गैंगस्टर से राजनेता का समर्थन करने का भी आरोप लगाया है, जिसमें कहा गया है कि योगी आदित्यनाथ सरकार उन्हें पंजाब की जेल से उनके राज्य में ले जाएगी।कांग्रेस का डीएनए असामाजिक तत्वों विशेषकर इस्लामिक आतंकवादियों के साथ खड़ा है। अपने चरित्र के अनुसार, कांग्रेस मुख्तार अंसारी के साथ खड़ी है। वह कई मामलों में शामिल है और अदालत के आदेश के अनुसार उसे सजा मिलेगी।

मुख्तार की पत्नी को एनकाउंटर की आशंका
इस बीच, अंसारी की पत्नी ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को एक पत्र लिखा, जिसमें यह आशंका व्यक्त की गई कि उनके पति की एससी दिशा के बाद पंजाब से उत्तर प्रदेश स्थानांतरित होने के दौरान एक फर्जी मुठभेड़ में मौत हो सकती है।अंसारी पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के करीबी रिश्तेदार हैं और उनके दादा मुख्तार अहमद अंसारी स्वतंत्रता-पूर्व युग में कांग्रेस के अध्यक्ष थे।

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