taukate cyclone update: गैल कंस्ट्रक्टर से सभी 137 क्रू मेंबर को बचा लिया गया, रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त

देश
ललित राय
Updated May 18, 2021 | 19:00 IST

ताउते तूफान की वजह से महाराष्ट्र और गुजरात के कई हिस्से प्रभावित हुए हैं। नेवी ने रेस्क्यू ऑपरेशन कर समुद्र में फंसे लोगों बचा लिया है।

taukate cyclone update: हवा में उठे बवंडर ताउते का जमीन पर असर, जानें- गुजरात और महाराष्ट्र का ताजा हाल
तूफान ताउते का तूफानी असर  |  तस्वीर साभार: AP

नई दिल्ली। ताउते तूफान के खतरे से निपटने के लिए इंडियन नेवी पूरी तरह जुटी है। नेवी के रेस्क्यू आपरेशन में अब तक 177 लोगों को बचाया गया है। 137 में से सभी 137 क्रू को गैल कंस्ट्रक्टर से बचा लिया गया है। कोई व्यक्ति नहीं बचा है सबका रेस्क्यू हो गया है। अब राहत और बचाव कार्य समाप्त हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि चक्रवाती तूफान ताउते अहमदाबाद से लगभग 50 किमी पश्चिम-दक्षिण पश्चिम और सुरेंद्रनगर से 60 किमी पूर्व-उत्तर पूर्व में है। अगले 6 घंटों में ये कमजोर पड़ने लगेगा।

चक्रवात तूफान ताउते ने ऐतिहासिक 'गेटवे ऑफ इंडिया' को सुरक्षा देने वाली दीवारों और लोहे की छड़ों को नुक़सान पहुंचाया और पास में लगे कुछ बैसाल्ट पत्थर भी तूफान के प्रभाव की वजह से उखड़ गए। महानगरपालिका के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि चक्रवात ताउते की वजह से इस ऐतिहासिक इमारत को कोई क्षति नहीं पहुंची है लेकिन इसके निकट का फुटपाथ धंस गया। उन्होंने बताया कि सोमवार को मुंबई तट से गुजरे इस तूफान की वजह से अरब सागर से ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही थीं और ये लहरें अपने साथ कचरे का अंबार लेकर आईं जो वह इस ऐतिहासिक स्थल पर छोड़ गईं।

तूफान अब पूरी तरह से गुजरात के करीब 11 जिलों को अपनी जद में ले चुका है। लेकिन अब उसकी ताकत कमजोर पड़ती नजर आ रही है, हालांकि ताउते ने अपने पीछे नुकसान का जो मंजर छोड़ा है वो आंकड़े खुद ब खुद तस्दीक कर रहे हैं। गुजरात में खासतौर से 2 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है तो महाराष्ट्र में भी लोगों को इस तूफान से किसी तरह की मुश्किलों का सामना ना करना पड़े उसके लिए खास इंतजाम किये गए हैं।

ताउते तूफान का असर अब तक

  1. गुजरात के सीएम विजय रुपानी ने कहा कि ताउते तूफान की वजह से तीन लोगों की जान गई है, करीब 40 हजार पेड़ उखड़ गए और 17 हजार झोपड़ियों को नुकसान हुआ है।
     
  2. ताउते का असर महाराष्ट्र के कई हिस्सों पर पड़ा है। इस तस्वीर में आप ताउते के असर को मुंबई में देख सकते हैं।
  3. दीव में बचाव और राहत कार्यों के लिए सेना के छह बचाव और राहत दल सक्रिय हैं। बोटाद, अमरेली और भावनगर जैसे अन्य चक्रवात प्रभावित स्थानों पर चक्रवात के प्रभाव से निपटने के लिए सेना की छह अतिरिक्त टीमों को जूनागढ़ के लिए आगे भेजा गया है।
     
  4. बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान ताउते उत्तर-पूर्वोत्तर की ओर बढ़ेगा और अगले 3 घंटों के दौरान धीरे-धीरे कमजोर पड़ता हुआ एक चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा।
  5. कुल 60 व्यक्तियों को नौका पी 305 से, आईएनएस कोच्चि द्वारा 42 और अपतटीय सहायता पोत एनर्जी स्टार द्वारा अत्यंत चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों में बचाया गया है। शेष चालक दल के लिए खोज और बचाव (एसएआर) अभियान रात भर जारी रहेगा।एक अलग प्रयास में आईएनएस कोलकाता ने वर प्रभा पोत के जीवन बेड़ा से दो जीवित बचे लोगों को बचाया है। 
  6. अब बार्ज P305 चालक दल के SAR के लिए INS कोच्चि में शामिल हो गए हैं।137 लोगों के साथ 'गैल कंस्ट्रक्टर' एक बजरा इंजन की खराबी के कारण कोलाबा पॉइंट से दूर हो गया है। पोत को एक आपातकालीन रस्सा पोत 'वाटर लिली' द्वारा संपर्क किया गया है जो सहायता प्रदान करने के लिए इसके आसपास के क्षेत्र में आ गया है।
  7. समुद्र में हलचल को देखते हुए चरम स्थितियों को देखते हुए बार्ज ने नैली में बहाव जारी रखा है।इन चल रहे बचाव प्रयासों को भारतीय नौसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों द्वारा बढ़ाया जाएगा, मौसम की अनुमति, 18 मई को पहली रोशनी में और एसएआर प्रयासों को दिन भर जारी रखा जाएगा।

महाराष्ट्र पर ताउते का असर

गुजरात के उना कस्बे का नजारा

23 साल पहले गुजरात में हुई थी बड़ी तबाही
9 जून, 1998 को गुजरात में आए एक बड़े चक्रवात से व्यापक क्षति हुई थी और बड़ी संख्या में लोगों की मौतें हुई थीं, विशेष रूप से कांडला के बंदरगाह शहर में। वहीं आधिकारिक आंकड़ों ने तब मरने वालों की संख्या 1,173 बताई थी, जबकि 1,774 लापता हो गए थे।
एक प्रमुख समाचार पत्रिका ने तब दावा किया था कि इसमें कम से कम 4,000 लोग मारे गए थे और अनगिनत लापता हो गए थे क्योंकि शव समुद्र में बह गए थे।
भारतीय नौसेना ने सोमवार को मुंबई तट पर दो नौकाओं पर सवार 410 लोगों को बचाने के लिए संदेश मिलने के बाद अपने तीन अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों को तैनात किया। इन दो नौकाओं की सहायता के लिए तैनात पोतों में आईएनएस कोलकाता, आईएनएस कोच्चि और आईएनएस तलवार शामिल हैं।
नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मढवाल ने कहा, ‘‘बॉम्बे हाई इलाके में हीरा ऑयल फील्ड्स तट से नौका ‘पी 305’ के दूर जाने की सूचना मिलने पर आईएनएस कोच्चि को बचाव एवं तलाश अभियान के लिए रवाना किया गया। नौका पर 273 लोग सवार थे।’’

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