तालिबान स्टाइल में आतंकी करेंगे कश्मीर में हमले ! स्टिकी बम नया हथियार

Kashmir Terrorism: स्टिकी बम का इस्तेमाल अफगानिस्तान में तालिबानियों ने नाटो (NATO) सेना के खिलाफ बड़ी संख्या में इस्तेमाल किया था। अब ऐसी आशंका है पाकिस्तान (Pakistan) स्टिकी बम का इस्तेमाल भारत में आतंकियों के जरिए इस्तेमाल कराने में मदद कर रहा है।

Sticky Bomb and Kashmir
सांकेतिक फोटो: क्या होता है स्टिकी बम 
मुख्य बातें
  • पिछले एक साल से स्टिकी बम जम्मू और कश्मीर क्षेत्र बड़ी संख्या में जब्त किए गए हैं।
  • हाल ही में जम्मू के कटरा में बस पर हुए हमले में स्टिक बम के इस्तेमाल का संदेह है।
  • स्टिकी बम बेहद छोटे होते है और आसानी से आतंकी इसको वाहन और संवेदनशील जगह पर लगा देते हैं।

 Kashmir Terrorism: जम्मू-कश्मीर (Jammu And Kashmir) के कटरा में तीर्थ यात्रियों को ले जा रही बस पर आतंकी हमले का दावा किया गया है। इस दावे के बाद जांच एजेंसियों को शक है कि इस हमले में स्टिकी बम (Sticky Bomb) का इस्तेमाल किया गया था।  स्टिकी बम का इस्तेमाल पिछले एक साल में सुरक्षा बलों को जम्मू-कश्मीर में कई जगहों पर स्टिकी बम मिले हैं। जिन्हें हमले के लिए इस्तेमाल किया जाना था। स्टिकी बम के बढ़ते खतरे को देखते हुए, सुरक्षा बलों को 30 जून से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) के लिए सतर्क किया जा रहा है। असल में स्टिकी बम का इस्तेमाल अफगानिस्तान में तालिबानियों ने नाटो (NATO) सेना के खिलाफ बड़ी संख्या में इस्तेमाल किया था। अब ऐसी आशंका है पाकिस्तान (Pakistan) स्टिकी बम का इस्तेमाल भारत में आतंकियों के जरिए इस्तेमाल कराने में मदद कर रहा है।

क्यों बढ़ रहा है खतरा

हाल ही में न्यूज एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीत में हीरा नगर रेंज के केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के उप महानिरीक्षक देवेंद्र यादव ने स्टिकी बम के खतरे को लेकर आगाह किया था। उन्होंने बताया था कि पिछले साल फरवरी में स्टिकी बम के इस्तेमाल के सबूत मिले थे। उस वक्त बीएसएफ ने सांबा जिले में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन से गिराई गई एक खेप को जब्त कर था, जिसमें इन-बिल्ट मैग्नेट के साथ 14 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) शामिल थे। इन्हें वाहनों पर चिपकाकर और एक टाइमर और रिमोट के जरिए स्टिकी बम के रूप में इस्तेमाल करने की योजना थी।

इसी तरह पिछले साल अगस्त और सितंबर में स्टिकी बम पूंछ जिले में जब्त किए गए थे। इसके अलावा 28 अप्रैल को जम्मू के सिधारा बाईपास पर भी स्टिकी बम जब्त किया गया था। इसी खतरे को देखते हुए इस बार सुरक्षा बलों को खास तौर से अमरनाथ यात्रा में स्टिकी बम से हमले की आशंका है। 

अफगानिस्तान में आतंकी करते रहे हैं इस्तेमाल

स्टिकी बम के इस्तेमाल का तरीका अफगानिस्तान में आंतकियों ने बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। इसके तहत किसी वाहन को स्टिकी बम के जरिए उड़ा देते हैं। इस तरह के हमले में सुरक्षा बलों को लिए निगरानी करना आसान नहीं होता है। अब ऐसा ही खतरा भारत में दिख रहा है। अगर कटरा में हुए हमले में स्टिकी बम का इस्तेमाल की पुष्टि होती है, तो इससे यह बात भी साफ हो जाती है कि आतंकी अब जम्मू के क्षेत्र में भी आतंकी हमले करने में सफल हो रहे हैं।

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क्या होता है स्टिकी बम

स्टिकी बम जैसा कि नाम से ही समझा जा सकता है, इसको विस्फोट के लिए किसी वाहन में चिपकाया जाता है। आकार में वह बेहद छोटे होते है और आसानी से आतंकी इसको वाहन और संवेदनशील जगह पर लगा देते हैं। ताकि बड़े से बड़ा धमाका हो। स्टिकी बम को आईईडी की तरह इस्तेमाल किया जाता है। और इसको फटने में सिर्फ 5 से 10 मिनट लगते हैं और नुकसान बहुत बड़ा होता है। विस्फोट के लिए रिमोट का इस्तेमाल होता है।

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