चुनाव के समय दिया था नारा-हमारा नेता शिवराज, माफ करो महाराज,अब सिंधिया के BJP में शामिल होने पर ये बोले शिवराज

देश
लव रघुवंशी
Updated Mar 11, 2020 | 17:04 IST

ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा परिवार के सदस्य बन गए हैं।

Shivraj Singh Chouhan
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 

नई दिल्ली: कांग्रेस छोड़ने के एक दिन बाद ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। भाजपा में शामिल होने के बाद सिंधिया ने कहा, 'मैं जेपी नड्डा जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे उनके परिवार में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया और मुझे इसमें जगह दी।'

उन्होंने कहा कि मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि उस पार्टी (कांग्रेस) द्वारा जन सेवा का उद्देश्य पूरा नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा, पार्टी की वर्तमान स्थिति यह इंगित करती है कि यह वैसी नहीं है जैसा वह हुआ करती थी।

शिवराज ने बताया खुशी का दिन
सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी गदगद नजर आए। उन्होंने कहा, 'यह भाजपा और मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से खुशी का दिन है। आज मुझे राजमाता सिंधिया जी की याद आ गई। ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा परिवार के सदस्य बन गए हैं। यशोधरा जी यहां हमारे साथ हैं। पूरा परिवार बीजेपी के साथ है। उनकी एक परंपरा है जहां राजनीति लोगों की सेवा करने का एक माध्यम है।' 

 

इस दौरान उनसे पूछा गया कि विधानसभा चुनाव के दौरान BJP का नारा था, 'हमारा नेता शिवराज, माफ करो महाराज'। इस पर शिवराज ने कहा, 'अगर कांग्रेस में कोई ऐसा था, जो लोकप्रिय था, तो वह थे 'महाराज' (ज्योतिरादित्य सिंधिया) इसलिए हम 'माफ करो महाराज' कहा करते थे। अब महाराज और शिवराज एक हैं, जो भाजपा में हैं।'

भतीजे के शामिल होने से बुआ खुश
वहीं सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने पर उनकी बुआ पार्टी नेता यशोधरा सिंधिया ने कहा, 'आज बहुत खुश हूं। शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में सरकार का गठन किया जाएगा। हमें खुशी है क्योंकि मैंने उनके तहत काम किया है और मुझे पता है कि लोगों के लिए हमारी क्या शानदार योजनाएं थीं और आज वो नहीं हैं। मेरे भतीजे को शुभकामनाएं, आशा है कि हमारे पास बुआ-भतीजे का अच्छा  संयोजन होगा।' 

उन्होंने कहा कि परिवार 2 हिस्सों में विभाजित था क्योंकि 2 अलग-अलग राजनीतिक दल थे। यह स्वाभाविक है कि यदि आपके राजनीतिक मतभेद हैं, तो यह परिवार में भी फैलता है। इस कदम ने मतभेदों के सभी छोटे मुद्दों को दूर कर दिया है। हम अब एक स्टेज पर हैं। मेरे भतीजे का आगमन (भाजपा में) केंद्र में पीएम मोदी को और भी मजबूती प्रदान करेगा। एक बहुत बड़ा स्तंभ आगे की पीढ़ी का और आज का भी गिरा है कांग्रेस में और वो वजन अब हमारी पार्टी में आ गया है। 

कांग्रेस नेतृत्व पर सिंधिया ने उठाए सवाल
सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ने के कारणों में कांग्रेस पार्टी में वास्तविकता से इंकार, नई सोच, विचारधारा एवं नए नेतृत्व को मान्यता नहीं मिलना बताया। सिंधिया ने कहा, 'वहां (कांग्रेस) राष्ट्रीय स्तर और राज्य स्तर पर अलग अलग विडंबना है । ऐसे में मैंने यह निर्णय (भाजपा में शामिल होने) किया । हमने मध्य प्रदेश में एक सपना पिरोया था, जब वहां सरकार बनी। लेकिन 18 महीने में वो सारे सपने बिखर गए। चाहे वो किसानों के ऋण माफ करने की बात हो, पिछले फसल का बोनस न मिलना हो...ओलावृष्टि से नष्ट फसल आदि का भी मुआवजा अब तक नहीं मिल पाया है। ट्रांसफर उद्योग चल रहा है, रेत माफिया चल रहा है। 

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