पश्चिम बंगाल विधानसभा में BJP विधायकों का हंगामा, राज्यपाल जगदीप धनखड़ मात्र 3-4 मिनट ही पढ़ सके अभिभाषण

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 2, 2021, 07:57 PM IST

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को नव गठित राज्य विधानसभा में शुक्रवार को अपना अभिभाषण विपक्षी बीजेपी सदस्यों के हंगामे के कारण संक्षिप्त करने के लिए मजबूर होना पड़ा। 

पश्चिम बंगाल विधानसभा में BJP विधायकों का हंगामा, राज्यपाल जगदीप धनखड़ मात्र 3-4 मिनट ही पढ़ सके अभिभाषण
Photo Credit: ANI

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्षी पार्टी बीजेपी के विधायकों ने जमकर हंगामा किया। राज्यपाल जगदीप धनखड़ को नव गठित राज्य विधानसभा में शुक्रवार को अपना अभिभाषण पढ़ रहे थे तभी बीजेपी के विधायकों ने हंगामा किया उन्हें मजबूरन अपने अभिभाषण को छोटा करना पड़ा। धनखड़ नव गठित विधानसभा में अपना प्रथम अभिभाषण मात्र तीन-चार मिनट ही बोल सके। विधानसभा हंगामा कर रहे बीजेपी विधायक  पोस्टर और चुनाव बाद हुई हिंसा के कथित पीड़ितों की तस्वीरें लेकर विधानसभा अध्यक्ष के आसन के करीब पहुंच गए। दरअसल, बीजेपी के विधायकों ने राज्यपाल के अभिभाषण में विधानसभा चुनाव बाद हुई हिंसा का कोई जिक्र नहीं मिलने पर आपत्ति जताते हुए सदन में हंगामा किया।

विधानसभा सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ने अपना अभिभाषण दोपहर 2 बजे शुरू किया और 2 बजकर 4 मिनट पर समाप्त कर दिया क्योंकि हंगामे के बीच उनकी आवाज सुनाई नहीं दे रही थी। इसके बाद उनहोंने अभिभाषण की प्रति मेज पर रख दी और सदन से चले गए। राज्यपाल के अपनी कार तक पहुंचने के दौरान उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी थीं। बाद में, मीडिया से बात करते हुए विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बीजेपी विधायकों के पास प्रदर्शन करने के सिवा कोई विकल्प नहीं बचा था क्योंकि विधायकों के बीच वितरित की गई अभिभाषण की प्रति में चुनाव बाद हुई हिंसा का कोई जिक्र नहीं था।

अधिकारी ने कहा कि हम राज्यपाल को जिम्मेदार नहीं ठहरा रहे हैं। उन्हें राज्य सरकार द्वारा तैयार किया गया अभिभाषण पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। वहीं, बीजेपी के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए टीएमसी ने कहा कि भगवा पार्टी ने अराजकता का एक नया उदाहरण स्थापित किया है। टीएमसी के मुख्य सचेतक निर्मल घोष ने कहा कि उन्होंने (भाजपा विधायकों ने) जो आज किया, वह संसदीय लोकतंत्र में अभूतपूर्व और अस्वीकार्य है। राजभवन सूत्रों के मुताबिक धनखड़ ने अभिभाषण को लेकर कुछ सवाल उठाये थे, जिस पर बनर्जी ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने मसौदा को मंजूरी दी है।

गौरतलब है कि मार्च-अप्रैल में हुए चुनाव के बाद हुई हिंसा को लेकर धनखड़ ने कई बार तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना की है। राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुक्रवार को शुरू हुआ सदन का सत्र 8 जुलाई तक चलेगा।

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