RSS: विजयदशमी के मौके पर आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने 'विभाजन' को लेकर कही ये बड़ी बात-VIDEO

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 15, 2021, 10:12 AM IST

Mohan Bhagwat Speech: आज रात रावण के पुतले के रूप में बुराइयों को अंत होगा वहीं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सालाना कार्यक्रम नागुपर में हुआ, जिसमें मोहन भागवत ने  शस्त्र पूजन कर लोगों को संबोधित किया।

RSS: विजयदशमी के मौके पर आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने 'विभाजन' को लेकर कही ये बड़ी बात-VIDEO
Photo Credit: Twitter

नई दिल्ली: पूरे देश में विजयादशमी (Vijayadashami) का पर्व मनाया जा रहा है वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना 1925 में विजयादशमी (RSS) के दिन ही हुई थी। इसके बाद से हर साल आरएसएस दशहरा उत्सव मनाता है ये कार्यक्रम पूरे देश में होते हैं लेकिन मुख्य आयोजन आरएसएस मुख्यालय नागपुर में होता है इस साल भी ये कार्यक्रम वहां आयोजित किया गया है, यहां संघ प्रमुख मोहन भागवत ने पहले शस्त्र पूजन (weapon worship) किया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने विजयदशमी के अवसर पर नागपुर में RSS मुख्यालय में शस्त्र पूजन किया। उन्होंने डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और माधव सदाशिव गोलवलकर की समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की, ये राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ का 96वां स्थापना दिवस है।

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, सामाजिक समरसता मंच के माध्यम से स्वयंसेवक भेद-रहित समाज बनाने के प्रयास निरंतर कर रहें हैं। समाज के सभी लोगों को भेदभाव मिटाने के लिए परिवारों के साथ अनौपचारिक संवाद करना चाहिए और दूसरे परिवारों में उठना-बैठना चाहिए। 

ओटीटी प्लेटफॉर्म में क्या-क्या दिखाया जा रहा है। कोई मानक नहीं हैं कोरोना काल से हमारे बच्चों के हाथों में मोबाइल आ गया वो देखते हैं ये सब देश में नशीले पदार्थों का सेवन बढ़ता जा रहा है। ड्रग्स को पूरी तरह से बैन होना चाहिए। सरकारों को इसको पूरी तरह से रोकना चाहिए..

कार्यक्रम में पथ संचलन भी हुआ कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए यह आयोजन हो रहा है,अपने संबोधन में मोहन भागवत ने कहा कि व्यवस्था बदलने के लिए मन में परिवर्तन करना पड़ेगा, समाज में भेद पैदा करने वाली भाषा नहीं चाहिए। लोगों को आपस में जोड़ने वाली भाषा होनी चाहिए, संघ के स्वयंसेवक प्रयास कर रहे हैं।

'एकता और अखंडता की पहली शर्त है मजबूत समाज होना'

भागवत ने आगे कहा कि स्वतंत्रता के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा है। हर वर्ग के लोगों ने आजादी में अमूल्य योगदान दिया है। अब फिर विविधता की चौड़ी खाई बनी है। गांधी ने नमक उठाकर सत्याग्रह की शुरुआत की थी। विदेशियों ने हमारे कमजोर समाज का लाभ उठाया। एकता और अखंडता की पहली शर्त है मजबूत समाज होना। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में मैं जम्मू कश्मीर गया था। धारा 370 हटने से वहां के लोगों को फायदा हो रहा है। हम सब भारत के लोग हैं भारत के अंदर है जम्मू कश्मीर के लोगों को इस बात का एहसास कराना चाहिए। कश्मीर की जनता के मन में भारतीयता की भावना विकसित करनी होगी। जम्मू कश्मीर में आतंकी टारगेट किलिंग कर रहे हैं।

End of Article