राजस्थान में कांग्रेस के राज्यसभा के तीसरे उम्मीदवार प्रमोद तिवारी की सीट कैसे फंस सकती है? अंकों के जरिए समझिए

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 2, 2022, 03:19 PM IST

Rajyasabha elections 2022 : कांग्रेस के तीन राज्यसभा सदस्य तभी चुने जा सकते हैं जब उसके पास 123 विधायक हों। कांग्रेस पार्टी के पास अपने 108 विधायक हैं। मतलब यह कि तीसरी सीटे के लिए उनके पास अतिरिक्त 26 विधायक हैं और उसे 15 विधायकों की जरूरत है।

राजस्थान में कांग्रेस के राज्यसभा के तीसरे उम्मीदवार प्रमोद तिवारी की सीट कैसे फंस सकती है? अंकों के जरिए समझिए

Rajyasabha elections 2022 : राजस्थान में इस बार राज्यसभा चुनाव दिलचस्प मोड़ की तरफ जाता दिख रहा है। राज्य में 4 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में 5 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए हैं। तीन प्रत्याशी कांग्रेस से हैं  तो उम्मीदवार भारतीय जनता पार्टी से। 5वें उम्मीदवार के रूप में सुभाष चंद्रा ने भाजपा समर्थित निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल किया है। बीजेपी प्रत्याशी घनश्याम तिवाड़ी के पक्ष में 41 वोट होने के बाद पार्टी के पास 30 वोट बच रहे हैं। भाजपा को लगता है कि निर्दलीय एवं अन्य दलों के विधायकों के साथ उसके समर्थन वाली दूसरी सीट भी निकल सकता है। सुभाष चंद्रा का मुकाबला कांग्रेस के प्रमोद तिवारी से है।

राजस्थान में राज्यसभा की एक सीट के लिए चाहिए 41 विधायक

  • कांग्रेस 108
  • बीजेपी 71
  • निर्दलीय 13
  • आरएलपी 03
  • सीपीएम 02
  • बीटीपी 02
  • आरएलडी 01
  • कुल 200

कांग्रेस पार्टी के पास अपने 108 विधायक हैं
कांग्रेस के तीन राज्यसभा सदस्य तभी चुने जा सकते हैं जब उसके पास 123 विधायक हों। कांग्रेस पार्टी के पास अपने 108 विधायक हैं। मतलब यह कि तीसरी सीटे के लिए उनके पास अतिरिक्त 26 विधायक हैं और उसे 15 विधायकों की जरूरत है। कांग्रेस को उम्मीद है कि उसे समर्थन दे रहे 13 निर्दलीय और सीपीएम के दो विधायकों के अलावा बीटीपी के 2,  और आरएलडी के 1 विधायक भी उनका ही समर्थन करेंगे। इस तरह कांग्रेस के तीसरे उम्मीदवार की जीत में कोई बाधा नहीं है।

भाजपा के पास 30 विधायकों का वोट बचा रहेगा
वहीं भाजपा के पास 71 विधायक हैं। एक सीट जीतने के बाद भी भाजपा के पास 30 विधायकों का वोट बचा रहेगा। भाजपा की तरफ से उतारे गए निर्दलीय सुभाष चंद्रा के पास 30 विधायकों के अलावा हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलडपी के भी तीन विधायक माने जा रहे है। वहीं बीटीपी के दो विधायकों ने भी अपने पत्ते नहीं खोले है। 13 निर्दलीय विधायकों में से दो भाजपा विचारधारा के माने जा रहे है। चंद्रा को उम्मीद निर्दलीय विधायकों से ज्यादा है। सुभाष चंद्रा का मुकाबला कांग्रेस के प्रमोद तिवारी से है।

हरियाणा राज्यसभा चुनाव का अंकगणित

बीजेपी - पहली जीत के लिए 30MLA चाहिए...एक राज्यसभा बीजेपी के खाते  में गई।इसके बाद 10MLA बीजेपी के पास रहेगा।

कांग्रेस के पास 31 MLA है।  कांग्रेस को उम्मीद है कि सभी विधायक पार्टी के कहने पर वोट डालेंगे लेकिन कुलदीप बिश्नोई नाराज चल रहे हैं... सूत्रों का कहना है कि कुलदीप बिश्नोई क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। केंद्रीय आलाकमान विश्नोई को मनाने की कोशिश में लगा।

कार्तिक शर्मा को 10JJP और 10 बीजेपी विधायक का समर्थन है, इसके अलावा  6 निर्दलीय विधायक का समर्थन भी कार्तिक शर्मा के पास है, 1 HLP ( हरियाणा लोकतान्त्रिक पार्टी ) एक आईएनएलडी  शर्मा को वोट कर सकते हैं।जीत के लिए कार्तिक  शर्मा को 2 वोट की और जरूरत होगी, यही कारण है कि कांग्रेस अपने विधायकों को छत्तीसगढ़ भेज सकता है ताकि क्रॉस वोटिंग ना हो।

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