राजनाथ सिंह बोले-बालाकोट के बाद IAF से दुश्मनों को मिला है सख्त संदेश

Rajnath Singh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को वायु सेना के कमांडरों के साथ बैठक की। इस बैठक में उन्होंने कहा कि बालाकोट में हमले के बाद देश के दुश्मनों को कड़ा संदेश गया है।

 Rajnath Singh says IAF has sent a strong message to adversaries after Balakot
वायु सेना के कमांडरों के साथ राजनाथ सिंह ने की बैठक।  |  तस्वीर साभार: PTI

मुख्य बातें

  • पुलवामा आतंकी हमले का बदला लेने के लिए वायु सेना ने बालाकोट में जैश के आतंकी शिविर को निशाना बनाया था
  • 14 फरवरी 2019 को जैश ने पुलवामा ने सीआरपीएफ के एक काफिले को निशाना बनाया, हमले में 40 जवान शहीद हुए
  • गलवान घाटी में चीन के साथ हिंसक झड़प होने के बाद भारत ने लद्दाख एवं एलएसी के अग्रिम मोर्चों पर सैनिकों की संख्या बढ़ाई

नई दिल्ली : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि बालाकोट में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की एयर स्ट्राइक के बाद देश के दुश्मनों को कड़ा संदेश मिला है। इसके अलावा चीन सीमा पर तनाव के बीच अग्रिम मोर्चों पर वायु सेना ने जो अपनी मुस्तैदी एवं सक्रियता दिखाई है उसने भी दुश्मनों को भारत के खिलाफ कदम उठाने पर सोचने के लिए बाध्य किया है। रक्षा मंत्री ने वायु सेना के कमांडरों के साथ हुई बैठक में यह बात कही। हाल के वर्षों में वायु सेना की सामरिक क्षमता में भारी इजाफा हुआ है। लद्दाख में हाल के दिनों में वायु सेना ने नियमित रूप से अभ्यास कर अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया है।

एलएसी पर भारत ने आक्रामक रुख अपनाया
वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ बने गतिरोध एवं उसके सैन्य जमावड़े को देखते हुए भारत ने भी आक्रामक रुख अपनाया। भारत ने तनाव कम करने के लिए जहां सैन्य एवं कूटनीति स्तर की वार्ता जारी रखी, वहीं सीमा पर चीन की तरफ से होने वाली किसी भी हरकत या हिमाकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए एलएसी के अग्रिम मोर्चों पर अपनी सैन्य क्षमता में भारी इजाफा किया। 

लद्दाख में सेना की तैनाती में हुआ इजाफा
लद्दाख में सेना की कई डिवीजन तैनात हुई। लद्दाख में बख्तरबंद सैन्य वाहनों, तोपों एवं आधुनिक हथियारों की तैनाती हुई। चीन के हवाई हमले को नाकाम करने के लिए वायु रक्षा प्रणाली आकाश को तैनाती किए जाने की बात भी सामने आई। सेना ने अग्रिम सैन्य चौकियों पर मोर्चा संभाला तो वायु सेना भी पीछे नहीं रही। पूरे एलएसी पर निगरानी रखने वाले वायु सेना के ठिकाने पहले से ज्यादा सक्रिय हुए। एलएसी के करीब वायु सेना के ठिकाने अलर्ट मोड पर आकर युद्ध से जुड़े करतब और कौशल लगातार दिखाते रहे। लद्दाख के एक वायु सेना ठिकाने पर वायु सेना ने अपना रात्रिकालीन अभ्यास पूरा किया। इस अभियान में चिनूक और मिग-29, मिराज एवं सुखोई-30 एमकेआई जैसे लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया। 

पीएम और रक्षा मंत्री ने सेना के अग्रिम मोर्चों का दौरा किया
गत 15 जून को गलवान घाटी में भारतीय एवं चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सीमा पर दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो गया। इस खूनी झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए। लद्दाख में तनाव बढ़ने के बाद सैनिकों की हौसलाफजाई करने के लिए पहले तीन जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिर इसके करीब दो सप्ताह बाद रक्षा मंत्री ने लद्दाख स्थित अग्रिम सैन्य मोर्चे का दौरा किया।  
 

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