विदेश से लौटकर फिर फॉर्म में दिखे राहुल गांधी, लेकिन जलीकट्टू पर अपनी ही पार्टी के रुख से ले लिया यू टर्न

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Updated Jan 14, 2021 | 18:41 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

अपनी निजी विदेश यात्रा से हाल ही में लौटे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कृषि कानूनों और चीन को लेकर मोदी सरकार पर तीखे वार किए तो जलीकट्टू पर अपनी ही पार्टी के रुख से पटलते नजर आए।

विदेश से लौटकर फिर फॉर्म में दिखे राहुल गांधी, लेकिन जलीकट्टू पर अपनी ही पार्टी के रुख से ले लिया यू टर्न
विदेश से लौटकर फिर फॉर्म में दिखे राहुल गांधी, लेकिन जलीकट्टू पर अपनी ही पार्टी के रुख से ले लिया यू टर्न  |  तस्वीर साभार: ANI

मुख्य बातें

  • राहुल गांधी हाल ही में विदेश यात्रा से लौटे हैं, जिसके बाद वह पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आए
  • तमिलनाडु के मदुरै में जलीकट्टू देखनेन पहुंचे कांग्रेस नेता इस पर अपनी ही पार्टी के पुराने रुख से पलटते दिखे
  • कांग्रेस नेता ने एक बार फिर चीन, कृषि कानूनों और इसे लेकर किसानों के आंदोलन पर मोदी सरकार पर वार किए

चेन्‍नई : कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी निजी विदेश यात्रा से लौट आए हैं, जिसके बाद वह एक बार फिर पूरे फॉर्म में नजर आ रहे हैं। कृषि कानूनों, किसान आंदोलन, चीन सहित कई मसलों को लेकर उन्‍होंने एक बार फिर मोदी सरकार पर तीखे वार किए तो इस दौरान कांग्रेस नेता तमिलनाडु के खास त्‍योहार जलीकट्टू को लेकर अपनी ही पार्टी के पुराने रुख से पलटते नजर आए।

अपने विदेश दौरे से हाल ही में लौटे राहुल गांधी पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आए। वह तमिलनाडु के मदुरै में पारंपरिक खेल आयोजन 'जल्लीकट्टू' को देखने पहुंचे, जिसके बाद उन्‍होंने इसे 'तमिल संस्कृति का जीवंत रूप' बताया। उन्‍होंने यह भी कहा कि तमिल संस्कृति, तमिल भाषा और तमिल इतिहास भारत के भविष्य के लिए जरूरी है और इनका सम्मान किया जाना चाहिए।

जलीकट्टू पर यू-टर्न?

राहुल गांधी के इस दौरे और जलीकट्टू को लेकर उनके इस बयान को राज्‍य में होने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसे कांग्रेस इस बार द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के साथ मिलकर लड़ने जा रही है। दोनों पार्टियां 2019 का लोकसभा चुनाव साथ लड़ चुकी हैं, जिसमें उन्‍हें राज्‍य की 38 में से 31 सीटों पर जीत मिली। राहुल गांधी के साथ डीएमके प्रमुख एमके स्‍टालिन भी थे।

राहुल गांधी यहां हालांकि जलीकट्टू को लेकर अपनी ही पार्टी के पुराने रुख से पलटते नजर आए। इससे पहले 2014 में जब जलीकट्टू पर बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश पर बवाल मचा था, जब कांग्रेस ने कहा था कि 2016 के राज्य विधानसभा चुनाव में अगर पार्टी सत्‍ता में आती है तो इस सालाना आयोजन पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। हालांकि अब खुद कांग्रेस नेता इसका समर्थन करते नजर आए।

किसान आंदोलन को समर्थन

बहरहाल, कांग्रेस नेता ने कृषि कानूनों को लेकर बीते 51 दिनों से जारी किसानों के आंदोलन और चीन को लेकर एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्‍होंने कहा, सरकार किसानों को बर्बाद करने की साजिश कर रही है। किसानों के प्रति समर्थन जताते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्र सरकार बस अपने 'दो-तीन कारोबारी मित्रों' को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीन कृषि कानूनों को रद्द किए जाने पर जोर देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, 'आप मेरी बात को याद रखियेगा, सरकार को इन कानूनों को वापस लेना ही होगा। सरकार पर किसानों को दबाने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'किसान इस देश की रीढ़ रहे हैं। अगर किसी को लगता है कि वे किसानों को दबाकर रखेंगे और फिर भी देश में समृद्धि आती रहेगी तो उन्‍हें हमारा इतिहास देखना चाहिए। जब-जब भारतीय किसान कमजोर पड़े हैं, भारत कमजोर हुआ है।'

चीन को लेकर किए सवाल

कोरोना वायरस महामारी के दौरान भी सरकार पर आम लोगों की मदद नहीं करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवालिया लहजे में कहा, 'आखिर आप किसके प्रधानमंत्री हैं? देश की जनता के या सिर्फ दो-तीन चुनिंदा कारोबारियों के।' 

राहुल गांधी ने चीन को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल दागा और एक बार‍ फिर कहा कि चीन भारतीय क्षेत्र के अंदर दाखिल होकर बैठा है, जबकि प्रधानमंत्री द्विपक्षीय गतिरोध पर चुप हैं। उन्‍होंने कहा, 'चीन हमारे क्षेत्र में क्‍या कर रहा है? चीनी लोग भारीय क्षेत्र में क्यों हैं? प्रधानमंत्री आखिर इस पर कुछ क्‍यों नहीं कहते? प्रधानमंत्री इस तथ्‍य पर इतने खामोश क्यों हैं कि चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र के अंदर बैठे हैं?'

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