Rahul Gandhi: राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, कहा- तानाशाह सरकार के खिलाफ एक और 'करो या मरो' जैसे आंदोलन की जरूरत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 8, 2022, 06:44 PM IST

Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘इतिहास का वो पन्ना जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता - 'भारत छोड़ो’ आंदोलन। 8 अगस्त 1942 को मुंबई से शुरू हुए इस आंदोलन ने अंग्रेजों की नींद उड़ा दी थी।

Rahul Gandhi: राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, कहा- तानाशाह सरकार के खिलाफ एक और 'करो या मरो' जैसे आंदोलन की जरूरत

Rahul Gandhi: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की वर्षगांठ पर सोमवार को कहा कि मौजूदा ‘तानाशाह सरकार’ के खिलाफ और देश की रक्षा के लिए एक और ‘करो या मरो’ जैसे आंदोलन की जरूरत है। उन्होंने ये भी कहा कि तानाशाही, महंगाई और बेरोजगारी को भारत छोड़ना ही होगा।

तानाशाही, महंगाई और बेरोजगारी को भारत छोड़ना ही होगा- राहुल गांधी

कांग्रेस नेता ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘इतिहास का वो पन्ना जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता - 'भारत छोड़ो’ आंदोलन। 8 अगस्त 1942 को मुंबई से शुरू हुए इस आंदोलन ने अंग्रेजों की नींद उड़ा दी थी। अगस्त की उस शाम को मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान में लोगों ने जुटना शुरू किया, गांधी जी ने 'करो या मरो' का नारा दिया और बस हिंदुस्तान में अंग्रेजी हुकूमत का आखिरी अध्याय शुरू हो गया।’’

राहुल गांधी के अनुसार, ‘‘अपनी जिंदगी की परवाह किए बगैर लाखों देशवासी इस आंदोलन में कूद पड़े, इस आंदोलन में लगभग 940 लोग शहीद हुए और हजारों गिरफ्तारियां हुईं। आज भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर मैं उन स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देता हूं, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी।’’

एक और 'करो या मरो' जैसे आंदोलन की जरूरत- राहुल गांधी

उन्होंने कहा, ‘‘आज हिंदुस्तान की तानाशाह सरकार के खिलाफ और देश की रक्षा के लिए एक और 'करो या मरो' जैसे आंदोलन की जरूरत है, अब समय आ गया है जब, अन्याय के खिलाफ, बोलना ही होगा। तानाशाही, महंगाई और बेरोजगारी को भारत छोड़ना ही होगा।’’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने देश में बेरोजगारी बढ़ने से संबंधित एक ग्राफ का हवाला देते हुए ट्वीट किया, ‘‘जरूरत: घर-घर रोजगार। असलियत: हर घर बेरोजगार।’’

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