पंजाब: कांग्रेस के करीब 60 विधायक सिद्धू से मिलने अमृतसर पहुंचे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 21, 2021, 09:06 PM IST

पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के आवास पर पार्टी के करीब 60 विधायक बुधवार को उनसे मिलने पहुंचे।

पंजाब: कांग्रेस के करीब 60 विधायक सिद्धू से मिलने अमृतसर पहुंचे

अमृतसर: पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के आवास पर पार्टी के करीब 60 विधायक बुधवार को उनसे मिलने पहुंचे, जिसे राज्य के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के साथ चल रहे उनके विवाद के बीच पंजाब में पार्टी पर अपनी पकड़ दिखाने का सिद्धू का एक तरह से शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। पंजाब विधानसभा में कांग्रेस के कुल 80 विधायक हैं। सिद्धू और अमरिंदर सिंह के बीच पिछले काफी समय से विवाद जारी है। अमृतसर (पूर्व) के विधायक ने हाल ही में बेअदबी के मामलों को लेकर मुख्यमंत्री को कई बार निशाना बनाया है। मुख्यमंत्री राज्य कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति के भी खिलाफ थे। सिंह ने यह भी कहा था कि जब तक सिद्धू उनके खिलाफ की गईं अपमानजक टिप्पणियों पर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांग लेते, मुख्यमंत्री उनसे नहीं मिलेंगे।

मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा, चरनजीत सिंह चन्नी और सुखबिंदर सिंह सरकारिया के साथ-साथ पूर्व प्रदेश पार्टी अध्यक्ष सुनील जाखड़ भी बुधवार को यहां पहुंचे। सिद्धू के साथ पार्टी के विधायक बुधवार को ‘लग्जरी’ बसों में स्वर्ण मंदिर के दर्शन करने पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थक मौजूद थे। सिद्धू और सभी विधायक दुर्गियाना मंदिर और राम तीरथ स्थल भी गए। स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने के बाद जाखड़ ने संवाददाताओं से कहा, 'हमने समृद्ध पंजाब के लिए प्रार्थना की, जिसमें हम सभी का योगदान होगा।'

सार्वजनिक रूप से माफी मांगने तक सिद्धू से नहीं मिलने के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह रुख पर कुछ विधायकों ने कहा कि इसकी कोई जरुरत नहीं है। यह पूरा आयोजन करने वाले मंत्री रंधावा ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री के व्यवहार पर आश्चर्य हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य प्रमुख पद पर सिद्धू की नियुक्ति सभी को स्वीकार करनी होगी और उसका सम्मान करना होगा, फिर चाहे अतीत में उनके बीच कोई भी और कैसा भी मतभेद रहा हो। रंधावा ने कहा कि इससे पहले भी वरिष्ठ नेताओं प्रताप सिंह बाजवा और सुखपाल सिंह खैरा का भी अमरिंदर सिंह के साथ मतभेद हुआ था, लेकिन अब सब सुलझ गया है। रंधावा ने सवाल किया, 'फिर मुख्यमंत्री सिद्धू के साथ अपने मतभेद खत्म क्यों नहीं कर सकते हैं।'

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