मोदी 2.0 सरकार: पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री ने लिखा जनता को खुला पत्र, जानिए किन 10 अहम बातों का किया जिक्र

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 30, 2020, 07:41 AM IST

Modi government 2.0 One year: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला साल शनिवार को पूरा हो गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता के नाम खुला पत्र लिखा है।

मोदी 2.0 सरकार: पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री ने लिखा जनता को खुला पत्र, जानिए किन 10 अहम बातों का किया जिक्र
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा होने के मौके पर देशवासियों के नाम खुल पत्र लिखा है। लोकसभा चुनाव 2014 में जीत हासिल करने बाद पीएम मोदी ने लगातार दूसरी बार 2019 में सत्ता में वापसी की थी। जनता को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री ने पिछले 1 साल की सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया है। सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरी सजगता, संवेदनशीलता के साथ काम किया है। पीएम ने देशवासियों से कहा कि बीते वर्ष में आपके स्नेह, शुभाशीष और सक्रिय सहयोग ने मुझे निरंतर एक नई ऊर्जा और प्रेरणा दी है। आइए नजर डालते हैं प्रधानमंत्री के पत्र की 10 बड़ी बातों पर...।

प्रधानमंत्री के पत्र की 10 अहम बातें


  1. आज से एक साल पहले भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ा। देश में दशकों बाद पूर्ण बहुमत की किसी सरकार को लगातार दूसरी बार जनता ने जिम्मेदारी सौंपी थी। इस अध्याय को रचने में आपकी बहुत बड़ी भूमिका रही है। ऐसे में आज का यह दिन मेरे लिए, अवसर है आपको नमन करने का, भारत और भारतीय लोकतंत्र के प्रति आपनी इस निष्ठा को प्रणाम करने का। यदि सामान्य स्थिति होती तो मुझे आपके बीच आकर आपके दर्शन का सौभाग्य मिलता। लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से जो परिस्थितियां बनी हैं, उन परिस्थितियों में, मैं इस पत्र के द्वारा आपके चरणों में प्रणाम करने और आपका आशीर्वाद लेने आया हूं।

  2. साल 2019 में देश की जनता का आशीर्वाद देश के बड़े सपनों के लिए था, आशाओं-आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए था। इस एक साल में लिए गए फैसले इन्हीं बड़े सपनों की उड़ान हैं। आज जन-जन से जुड़ी जन-मन की जनशक्ति, राष्ट्रशक्ति की चेतना को प्रज्वलित कर रही है। गत एक वर्ष में देश ने सतत नए स्वप्न देखे, नए संकल्प लिए और इन संकल्पों को सिद्ध करने के लिए निरंतर निर्णय लेकर कदम भी बढ़ाए।

  3. भारत की इस ऐतिहासिक यात्रा में देश के हर समाज, हर वर्ग और हर व्यक्ति ने बखूबी अपना दायित्व निभाया है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ इस मंत्र को लेकर आज देश सामाजिक हो या आर्थिक, वैश्विक हो या आंतरिक, हर दिशा में आगे बढ़ रहा है।

  4. पिछले एक साल में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ज्यादा चर्चा में रहे और इस वजह से इन उपलब्धियों का स्मृति में रहना भी बहुत स्वाभाविक है। अनुच्छेद 370, राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक हो या फिर नागरिकता संशोधन कानून, ये सारी उपलब्धियां सभी को स्मरण हैं।

  5. एक के बाद एक हुए इन ऐतिहासिक निर्णयों के बीच अनेक फैसले और बदलाव ऐसे भी हैं जिन्होंने भारत की विकास यात्रा को नई गति और नए लक्ष्य दिए हैं। लोगों की अपेक्षाओं को भी पूरा किया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद के गठन ने जहां सेनाओं में समन्वय को बढ़ाया है, वहीं मिशन गगनयान के लिए भी भारत ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस दौरान गरीबों को, किसानों को, महिलाओं-युवाओं को सशक्त करना हमारी प्राथमिकता रही है।

  6. अब पीएम किसान सम्मान निधि के दायरे में देश का प्रत्येक किसान आ चुका है। बीते एक वर्ष में इस योजना के तहत नौ करोड़ 50 लाख से ज्यादा किसानों के खातों में 72 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि जमा कराई गई है। देश के 15 करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों में पीने का शुद्ध पानी पाइप से मिले, इसके लिए जल जीवन मिशन शुरू किया गया है। हमारे 50 करोड़ से अधिक के पशुधन के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मुफ्त टीकाकरण का बहुत बड़ा अभियान भी चलाया जा रहा है।

  7. मछुआरों की सहूलियत बढ़ाने के लिए, सुविधाओं और ब्लू इकोनॉमी को मजबूत करने के लिए अलग से विभाग बनाया गया है। व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए व्यापारी कल्याण बोर्ड के निर्माण का निर्णय लिया गया है। साथ ही स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करीब 7 करोड़ बहनों को भी अब ज्यादा वित्तीय सहायता दी जा रही है। इन समूहों के लिए बिना गारंटी के ऋण को 10 लाख से बढ़ाकर दोगुना यानी 20 लाख कर दिया गया है।

  8. सामान्य जन के हित से जुड़े बेहतर कानून बनें, इसके लिए भी बीते वर्ष में तेज गति से कार्य हुआ है। हमारी संसद ने अपने कामकाज से दशकों पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इसी का परिणाम है कि चाहे कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट हो, चिटफंड कानून में संशोधन हो, दिव्यांगों, महिलाओं और बच्चों को अधिक सुरक्षा देने वाले कानून हों, ये सब तेजी से बन पाए हैं। सरकार की नीतियों और निर्णयों की वजह से शहरों और गांवों के बीच की खाई कम हो रही है।

  9. कोरोना वायरस का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि हम तेज गति से आगे बढ़ रहे थे कि कोरोना वैश्विक महामारी ने भारत को भी घेर लिया। कई लोगों ने आशंका जताई थी जब कोरोना भारत पर हमला करेगा तो भारत पूरी दुनिया के लिए संकट बन जाएगा। लेकिन आज सभी देशवासियों ने भारत को देखने का नजरिया बदलकर रख दिया है। आपने ये सिद्ध करके दिखाया है कि विश्व के सामर्थ्यवान और संपन्न देशों की तुलना में भी भारतवासियों का सामूहिक सामर्थ्य और क्षमता अभूतपूर्व है।

  10. प्रवासी श्रमिकों को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि निश्चित तौर पर इतने बड़े संकट में कोई ये दावा नहीं कर सकता कि किसी को कोई तकलीफ या असुविधा न हुई हो। श्रमिक, प्रवासी मजदूर भाई-बहन, छोटे-छोटे उद्योगों में काम करने वाले कारीगर, पटरी पर सामान बेचने वाले, रेहड़ी-ठेला लगाने वाले, दुकानदार, लघु उद्धमियों ने असीमित कष्ट सहा है। इनकी परेशानियों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हमें ये भी ध्यान रखना है कि जीवन में हो रही असुविधा, जीवन पर आफत में न बदल जाए। इसके लिए प्रत्येक भारतीय के लिए प्रत्येक दिशा-निर्देश का पालन करना बहुत आवश्यक है।

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