PM Meeting:जम्मू में ड्रोन हमले के बाद पीएम नरेंद्र मोदी की हाई लेवल मीटिंग, भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 29, 2021, 10:04 PM IST

PM Narendra Modi's high-level meeting: पीएम मोदी के आवास पर  एक हाईलेवल मीटिंग हुई. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल मौजूद रहे।

PM Meeting:जम्मू में ड्रोन हमले के बाद पीएम नरेंद्र मोदी की हाई लेवल मीटिंग, भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा
Photo Credit: ANI

नई दिल्ली:  जम्मू एयरफोर्स स्टेशन (IAF) पर ड्रोन से हमला (Drone Attack) किए जाने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एनएसए अजीत डोभाल के साथ करीब दो घंटे तक उच्च स्तरीय बैठक (High Lavel Meeting) की इसमें रक्षा क्षेत्र में भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा की, गौर हो कि रविवार आधी रात जम्मू एयरबेस के तकनीकी इलाके में दो विस्फोट हुए थे। ये धमाके विस्फोटकों से लदे दो ड्रोन से किए गए थे इन धमाकों में एक इमारत को नुकसान पहुंचा।

सुरक्षा मामलों से जुड़ी इस बैठक में जम्मू-कश्मीर की स्थिति, लद्दाख में चीन के साथ चल रही तनातनी और जम्मू-कश्मीर में दिखाई दे रहे ड्रोन के बाबत चर्चा हुई ड्रोन आने के स्रोत, इसे रोकने के उपाय समेत अन्य बिंदुओं पर चर्चा हुई है। 

वहीं जम्मू-कश्मीर में आर्मी बेस पर ड्रोन हमले की साजिश का मसला भारत ने संयुक्त राष्ट्र सभा में भी जोर-शोर से उठाया है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि सामरिक और वाणिज्यिक संपत्तियों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए हथियारबंद ड्रोन के इस्तेमाल की संभावना पर वैश्विक समुदाय को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।संयुक्त राष्ट्र में भारत का पक्ष विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) वीएसके कौमुदी ने रखा।

हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने का संदेह 

वहीं जम्मू के एयरफोर्स बेस पर रविवार को हुए ड्रोन हमले में पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ हो सकता है जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक ने मंगलवार को यह बात कही, जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि हमले के पीछे पाकिस्तान के प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने का संदेह है।

हमले का लक्ष्य एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर था!

गौर हो कि जम्मू हवाई अड्डे पर स्थित भारतीय वायु सेना  स्टेशन पर हमले के दो दिन बाद, 'टाइम्स नाउ' ने बताया कि हमले का लक्ष्य एयर ट्रैफिक कंट्रोल  टॉवर था। यह ध्यान दिया जा सकता है कि जम्मू हवाई अड्डा, जिसे सतवारी हवाई अड्डे के रूप में भी जाना जाता है, भारतीय वायुसेना के तहत एटीसी और रनवे के साथ एक नागरिक हवाई अड्डा है।

ड्रोन ने 1.2 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ान भरी!

टाइम्स नाउ ने आतंकी हमले की विशेष जांच विवरण हासिल किया है। इसने सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि ड्रोन ने 1.2 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ान भरी। चैनल ने आगे बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, रविवार के आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा  है। सूत्रों ने कहा कि आरडीएक्स युक्त आईईडी भारतीय वायुसेना के अड्डे पर गिराए गए।

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