7 राज्यों के 60 जिलों से आ रहे कोरोना के ज्यादा मामले, PM मोदी ने मुख्यमंत्रियों को सुझाए ये उपाय

देश
लव रघुवंशी
Updated Sep 23, 2020 | 20:42 IST

कोरोना वायरस की स्थिति की समीक्षा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  |  तस्वीर साभार: ANI

मुख्य बातें

  • कोविड-19 से लड़ते हुए हमें आर्थिक मोर्चे पर भी पूरी ताकत से आगे बढ़ना होगा: PM
  • राज्यों को एक या दो दिवसीय लॉकडाउन की प्रभावशीलता का आकलन करना चाहिए: मोदी
  • हमें प्रभावशाली जांच, ट्रेसिंग, इलाज, निगरानी और स्पष्ट संदेश पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए: मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस की स्थिति की समीक्षा करने के लिए सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। ये राज्य/केंद्र शासित प्रदेश हैं- महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली और पंजाब हैं। कोरोना के 63 फीसदी सक्रिय मामले इन सात राज्यों में हैं। देश में कोरोना के कुल पुष्ट मामलों का 65.5 फीसदी और कुल मृत्यु के 77 फीसदी मामले भी इन्हीं राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं। मुख्यमंत्रियों के अलावा इस बैठक में इन राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री भी थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी बैठक में शामिल हुए। 

बैठक में पीएम मोदी ने कहा, 'देश में 700 से अधिक जिले हैं, लेकिन कोरोना के जो बड़े आंकड़े हैं वो सिर्फ 60 जिलों में हैं, वो भी 7 राज्यों में। मुख्यमंत्रियों को सुझाव है कि एक 7 दिन का कार्यक्रम बनाएं और प्रतिदिन 1 घंटा दें। वर्चुअल तरीके से हर दिन 1 जिले के 1-2 ब्लॉक के लोगों से सीधे बात करें। प्रभावी टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट, सर्विलांस और स्पष्ट मैसेजिंग, इसी पर हमें अपना फोकस और बढ़ाना होगा। प्रभावी मैसेजिंग इसलिए भी जरूरी है क्योंकि ज्यादातर संक्रमण बिना लक्षण का है। ऐसे में अफवाहें उड़ने लगती हैं। सामान्य जन के मन में ये संदेह उठने लगता है कि कहीं टेस्टिंग तो खराब नहीं है। यही नहीं कई बार कुछ लोग संक्रमण की गंभीरता को कम आंकने की गलती भी करने लगते हैं।'

उन्होंने कहा कि भारत ने मुश्किल समय में भी पूरे विश्व में जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की है। ऐसे में एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच दवाइयां आसानी से पहुंचे, हमें मिलकर ही ये देखना होगा।

पीएम ने कहा, 'बीते महीनों में कोरोना इलाज से जुड़ी जिन सुविधाओं का विकास किया है, वो हमें कोरोना से मुकाबले में बहुत मदद कर रही है। अब हमें कोरोना से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को तो मजबूत करना है, जो हमारा हेल्थ से जुड़ा, ट्रैकिंग-ट्रेसिंग से जुड़ा नेटवर्क है, उनकी बेहतर ट्रेनिंग भी करनी है जो 1-2 दिन के लोकल लॉकडाउन होते हैं, वो कोरोना को रोकने में कितना प्रभावी हैं, हर राज्य को इसका अवलोकन करना चाहिए। कहीं ऐसा तो नहीं कि इस वजह से आपके राज्य में आर्थिक गतिविधियां शुरू होने में दिक्कत हो रही है? मेरा आग्रह है कि सभी राज्य इस बारे में गंभीरता से सोचें।'

मोदी ने आगे कहा कि संयम, संवेदना, संवाद और सहयोग का जो प्रदर्शन इस कोरोना काल में देश ने दिखाया है, उसको हमें आगे भी जारी रखना है। संक्रमण के विरुद्ध लड़ाई के साथ-साथ अब आर्थिक मोर्चे पर हमें पूरी ताकत से आगे बढ़ना है।

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