VIDEO : कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में पीएम मोदी ने बताया काशी का अर्थ और महत्व

देश
Updated Mar 25, 2020 | 18:03 IST

देश भर में फैलते कोरोना वायरस के बीच लॉकडाउन के ऐलान के बाद पीएम ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोगों को संबोधित करते हुए काशी के महत्व को बताया।

PM Modi told the meaning and importance of Kashi in the War against coronavirus
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पीएम ने काशी का महत्व बताया  |  तस्वीर साभार: Twitter

मुख्य बातें

  • देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रहे हैं
  • कोरोना को रोकने के लिए पीएम मोदी ने देश भर में लॉकडाउन की घोषणा कर दी
  • उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोगों को वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के जरिए कोरोना के खिलाफ लड़ाई में काशी का महत्व बताया

नई दिल्‍ली : घातक कोरोना वायरस से निपटने के लिए देशभर में लॉकडाउन का ऐलान करने के एक दिन बाद पीएम नरेंद्र मोदी आज (बुधवार, 25 मार्च) अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोगों से वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के जरिए संबोधित किया। उन्होंने लोगों से कहा कि लॉकडाउन के जरिए ही कोरोना वायरस खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि काशी का सांसद होने के नाते मुझे ऐसे समय में आपके बीच होना चाहिए था। लेकिन आप यहां दिल्ली में जो गतिविधियां हो रही हैं, उससे भी परिचित हैं। यहां की व्यस्तता के बावजूद मैं वाराणसी के बारे में निरंतर अपने साथियों से अपडेट ले रहा हूं। उन्होंने लोगों से संकट की इस घड़ी में काशी के महत्व के बारे में बताया। पीएम कहा कि शिव की नगरी में, महाकाल-महादेव की नगरी में संकट से जुझने का, सबको मार्ग दिखाने का सामर्थय है। उन्होंने कहा कि काशी का तो अर्थ ही है- शिव। शिव यानी कल्याण।

काशी का अनुभव शाश्वत, सनातन, समयातीत है।
और इसलिए, आज लॉकडाउन की परिस्थिति में
काशी देश को सिखा सकती है-  संयम, समन्वय, संवेदनशीलता
काशी देश को सिखा सकती है- सहयोग, शांति, सहनशीलता
काशी देश को सिखा सकती है- साधना, सेवा, समाधान

पीएम ने महाभारत के युद्ध का किया जिक्र
इससे पहले उन्होंने महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण महारथी, सारथी थे, आज 130 करोड़ महारथियों के बलबूते पर हमें कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को जीतना है। इसमें काशीवासियों की बहुत बड़ी भूमिका है। महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता गया था, आज कोरोना के खिलाफ जो युद्ध पूरा देश लड़ रहा है, उसमें 21 दिन लगने वाले हैं। हमारा प्रयास है इसे 21 दिन में जीत लिया जाए।

कोरोना से बचने का बेहतर उपाय यहां से प्राप्त करें
पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना बीमारी के देखते हुए देशभर में व्यापक तैयारियां की जा रही है। सभी को इस समय घरों में रहना अति आवश्यक है। यही इस बीमारी से बचने का बेहतर उपाय है। कोरोना से जुड़ी सही और सटीक जानकारी के लिए सरकार ने WhatsApp के साथ मिलकर एक हेल्पडेस्क भी बनाई है। अगर आपके पास WhatsApp की सुविधा है तो आप इस नंबर 9013151515 पर 'नमस्ते' खिलकर भेजेंगे तो आपको उचित जवाब मिलना शुरू हो जाएगा।

गलतफहमी से बाहर निकलें और सच्चाई को समझें
पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना से संक्रमित दुनिया में 1 लाख से अधिक लोग ठीक भी हो चुके हैं। भारत में भी दर्जनों लोग कोरोना के शिकंजे से बाहर निकले हैं। मनुष्य का स्वाभाव होता है कि जो चीज हमारे अनुकूल होती है, उसे तुरंत स्वीकार कर ले लेते हैं। ऐसे में कई बार अहम बातें, जो प्रमाणिक होती हैं उस पर कुछ लोगों का ध्यान जाता ही नहीं है। मेरा ऐसे लोगों से आग्रह है कि गलतफहमी से बाहर निकलें और सच्चाई को समझें। ये बीमारी किसी के साथ भेदभाव नहीं करती। समृद्ध लोगों या व्यायाम करने वालों को भी ये वायरस अपने चपेट में लेता है। बीमारी कितनी भयानक है ये समझना जरूरी है। 

सफेद कपड़ों में दिख रहा हर व्यक्ति, ईश्वर का ही रूप
पीएम ने कहा कि कुछ स्थानों से ऐसी घटनाओं की जानकारी भी मिली है, जिससे हृदय को चोट पहुंची है। मेरी सभी नागरिकों से अपील है कि कहीं आपको डॉक्टर, नर्स या मेडिकल स्टाफ के साथ कोई बुरा बर्ताव होता दिख रहा हो तो आप वहां जाकर लोगों को समझाएं कि आप गलत कर रहे हैं। संकट की इस घड़ी में, अस्पतालों में इस समय सफेद कपड़ों में दिख रहा हर व्यक्ति, ईश्वर का ही रूप है। आज यही हमें मृत्यु से बचा रहे हैं, अपने जीवन को खतरों में डालकर ये लोग हमारा जीवन बचा रहे हैं। हमारे समाज में ये संस्कार दिनों-दिन प्रबल हो रहा है कि जो देश की सेवा करते हैं, जो देश के लिए खुद को खपाते हैं, उनका सार्वजनिक सम्मान भी होते रहना चाहिए।

गरीबों और जरूरतमंदों के प्रति करुणा दिखाएं
पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस न हमारी संस्कृति को मिटा सकता है और न ही हमारे संस्कार मिटा सकता है। इसलिए, संकट के समय हमारी संवेदनाएं और जागृत हो जाती हैं। कोरोना को जवाब देने का दूसरा एक ताकतवर तरीका है और वो है करुणा। कोरोना का जवाब करुणा से। हम गरीबों और जरूरतमंदों के प्रति करुणा दिखाकर भी कोरोना को पराजित करने का एक कदम ये भी ले सकते हैं। 

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