PM मोदी ने तमिलनाडु में किया 25 मार्च 1989 का जिक्र, जयललिता से जुड़ी है ये तारीख, बदल गई थी राज्य की राजनीति

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 30, 2021, 03:51 PM IST

25th March 1989 Tamil Nadu Assembly: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु में डीएमके और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए तारीख 25 मार्च 1989 का जिक्र किया। इस तारीख का राज्य की राजनीति में काफी महत्व है।

PM मोदी ने तमिलनाडु में किया 25 मार्च 1989 का जिक्र, जयललिता से जुड़ी है ये तारीख, बदल गई थी राज्य की राजनीति

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज चुनावी राज्य तमिलनाडु के धारापुरम में एक जनसभा को संबोधित किया। यहां उन्होंने DMK और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि आज कांग्रेस और डीएमके ने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री की सम्मानित मां का अपमान किया है। 

भगवान न करे, अगर वे सत्ता में आते हैं, तो वे तमिलनाडु की कई अन्य महिलाओं का अपमान करेंगे। अफसोस की बात है कि महिलाओं का अपमान करना कांग्रेस-द्रमुक संस्कृति का हिस्सा है। कुछ दिन पहले डीएमके के एक उम्मीदवार ने महिलाओं पर भयानक टिप्पणी की थी। DMK ने उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया है।

उन्होंने आगे एक तारीख का जिक्र किया और ये तारीख है 25 मार्च 1989। पीएम मोदी ने कहा, '25 मार्च 1989 को कभी न भूलें। तमिलनाडु की विधानसभा में डीएमके नेताओं ने अम्मा जयललिता जी के साथ कैसा व्यवहार किया था? DMK और कांग्रेस महिला सशक्तिकरण की गारंटी नहीं देंगे। उनके शासन में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं।' 

जयललिता पर हुआ था हमला

इस तारीख का तमिलनाडु की राजनीति में काफी महत्व है। 32 साल पहले इस दिन तमिलनाडु विधानसभा ने हिंसक दृश्य देखे गए। तब मुख्यमंत्री करुणानिधि को धक्का दिया गया था। विपक्ष में जयललिता पर पर हमला किया गया था, सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक द्वारा उनकी साड़ी खींची गई। इस दिन विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। तत्कालीन मुख्यमंत्री एम करुणानिधि को विपक्षी अन्नाद्रमुक विधायकों ने जमीन पर धकेल दिया था। करुणानिधि पर हुए हमले का बदला लेने के लिए विपक्षी नेता जे जयललिता की साड़ी खींच दी गई और उन्हें सत्तारूढ़ द्रमुक नेताओं द्वारा धक्का दिया गया।

जयललिता की साड़ी फाड़ दी गई

जयललिता ने कहा था, 'मेरे सिर पर वार किया। मुझे चक्कर जैसा महसूस हुआ और लगभग बेहोश हो गई। जब पार्टी के विधायकों ने मुझे बाहर निकालने की कोशिश की, तो डीएमके के एक मंत्री ने मेरी साड़ी पकड़ कर खींच ली। इसके कारण कंधे पर लगी सेफ्टी पिन खुल गई और चोट गई, खून बहने लगा। साड़ी फट गई।' 

2 साल बाद बनीं मुख्यमंत्री

कहा जाता है कि तभी जयललिता ने शपथ ली कि जब तक कि सदन महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं होता वो यहां वापस नहीं आएंगी। दो साल बाद 1991 में जयललिता ने विधानसभा चुनावों में करुणानिधि सरकार को उखाड़ फेंका और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

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