लोग तीसरी लहर की चेतावनी को मौसम का अपडेट मान रहे हैं, इसकी गंभीरता को नहीं समझ रहे: केंद्र

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 13, 2021, 06:16 PM IST

कोरोना वायरस की तीसरी लहर को लेकर सरकार बार-बार लोगों को चेता रही है। अब कहा है कि लोग तीसरी लहर की चेतावनी को मौसम का अपडेट मान रहे हैं, इसकी गंभीरता को नहीं समझ रहे।

लोग तीसरी लहर की चेतावनी को मौसम का अपडेट मान रहे हैं, इसकी गंभीरता को नहीं समझ रहे: केंद्र

नई दिल्ली: सरकार ने कोरोना वायरस की तीसरी लहर को लेकर एक बार फिर चेताया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि विश्व स्तर पर कोविड-19 की तीसरी लहर देखी जा रही है और हमें यह सुनिश्चित करने के प्रयास करने होंगे कि भारत में ऐसा न हो। केंद्र ने हिल स्टेशनों और बाजारों में लोगों द्वारा कोविड 19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोग जिम्मेदार नागरिक के रूप में काम नहीं कर रहे हैं और 'थर्ड वेव वार्निंग' को मौसम के अपडेट की तरह ले रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, 'हम सभी से अनुरोध करना चाहते हैं कि जब हम तीसरी लहर के बारे में बात करते हैं, तो हम इसे मौसम के अपडेट के रूप में ले रहे हैं और इसकी गंभीरता और इससे जुड़ी हमारी जिम्मेदारियों को नहीं समझ रहे हैं। देश के कई हिस्सों में कोविड-उपयुक्त व्यवहार का घोर उल्लंघन देखा जा रहा है जो इसे काबू में करने के लिए अब तक की मेहनत पर पानी फेर सकता है।' नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी के पॉल ने कहा कि दुनिया तीसरी लहर देख रही है... हमें यह सुनिश्चित करने के लिए हाथ मिलाना होगा कि तीसरी लहर भारत से न टकराए। पीएम ने आज स्पष्ट रूप से कहा कि हमें भारत में तीसरी लहर कब आएगी, इस पर चर्चा करने के बजाय इसे रोकने पर ध्यान देना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि जुलाई में केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा से अब तक कोविड-19 के लगभग 73.4 प्रतिशत नए मामले सामने आए। जुलाई में 51% कोविड मामले सिर्फ महाराष्ट्र और केरल से आए हैं। भारत के 55 जिलों में 13 जुलाई को समाप्त सप्ताह के लिए कोविड-19 संक्रमण की दर 10 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई। कोविड-19 प्रबंधन में समर्थन करने के लिए असम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर सहित 10 राज्यों में केंद्रीय टीमों को तैनात किया गया है।

हिल स्टेशनों पर बढ़ती भीड़ के लिए कड़ी चेतावनी दी

वहीं मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 की स्थिति के बारे में पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की। मुख्यमंत्रियों ने पूर्वोत्तर राज्यों की विशेष देखभाल और महत्व के लिए प्रधानमंत्री की सराहना करते हुए उन्हें कोविड महामारी से निपटने में समय पर की गई कार्रवाई के लिए धन्यवाद दिया। पीएम मोदी ने म्यूटेशन की कड़ी निगरानी करने और सभी प्रकार के वैरियंट्स पर पैनी नजर रखने पर जोर दिया। उन्होंने उचित सावधानियों का पालन किए बिना ही हिल स्टेशनों पर बढ़ती भीड़ के लिए कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि हमारे मन में यह मुख्य प्रश्न होना चाहिए कि कोविड की तीसरी लहर को कैसे रोका जाए। 

टीकाकरण पर रहे जोर: PM

प्रधानमंत्री ने कहा, 'टीकाकरण के विरुद्ध फैले मिथकों से निपटने के लिए सामाजिक, शैक्षणिक संस्थानों, प्रसिद्ध हस्तियों और धार्मिक आस्था वाले संगठनों की भी मदद ली जाए। सभी के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान के लिए पूर्वोत्तर बहुत महत्वपर्ण है। अभी हाल में मंजूर किए गए 23 हजार करोड़ रुपए के पैकेज से चिकित्सा के बुनियादी ढांचे को सुधारने में मदद मिलेगी।' उन्होंने मुख्यमंत्रियों से पीएम-केयर ऑक्सीजन संयंत्रों को जल्दी पूरा करने का अनुरोध किया।

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