कोरोना संक्रमण से दूर रहना है तो अपनाएं ये कारगर उपाय, ज्यादा घातक है दूसरी लहर

देश
आलोक राव
Updated Apr 26, 2021 | 10:11 IST

Corona Crisis in India: कोरोना की यह दूसरी लहर भारत में जिस तेजी के साथ बढ़ रही है उसे देखने के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण अभी और फैलेगा। इसलिए लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

People should follow Covid 19 protocol strictly to be safe from corona
कोरोना संक्रमण से दूर रहना है तो अपनाएं ये कारगर उपाय।  |  तस्वीर साभार: PTI

मुख्य बातें

  • लोगों को ज्यादा तेजी से बीमार बना रही कोरोना की यह दूसरी लहर
  • अस्पतालों में इलाज के लिए अब मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहा है
  • कोविड-19 का प्रोटोकॉल अपनाकर महामारी की चेन तोड़ी जा सकती है

नई दिल्ली : कोविड-19 की दूसरी लहर ज्यादा घातक बताई जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि महामारी की यह दूसरी लहर पहले से ज्यादा संक्रामक है। यानि कि यह तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। यहां तक कि इससे मृत्युदर भी पहले से संभवत: ज्यादा है। दूसरी लहर में बच्चे और युवा भी इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। दूसरी लहर से कोई भी आयु वर्ग अछूता नहीं है। कोरोना का टीका लगवाने के बाद भी लोग संक्रमित हो रहे हैं। यानि कि इस महामारी से सौ प्रतिशत सुरक्षा अभी नहीं है। 

ज्यादा संक्रामक है कोरोना की दूसरी लहर
कोरोना की यह दूसरी लहर भारत में जिस तेजी के साथ बढ़ रही है उसे देखने के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण अभी और फैलेगा। इसलिए लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञों ने कोरोना संक्रमण से दूर रहने के लिए कुछ उपाय भी सुझाएं हैं। इन उपायों को अपनाकर महामारी के दायरे में आने से बचा जा सकता है। कोरोना से संक्रमित होने के बाद नहीं बल्कि पहले सावधान रहने की जरूरत है। लोगों को वे सभी उपाय करने चाहिए कि वे इससे संक्रमित न होने पाएं। 

अस्पतालों में जगह नहीं बची
देश में पिछले कई दिनों से कोरोना संक्रमण के मामले तीन लाख से ज्यादा आ रहे हैं। संक्रमण की यह संख्या चार लाख तक पहुंचती दिखी है। अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए अब जगह नहीं बची है। अस्पताल नए केस लेने से इंकार करने लगे हैं। संक्रमण फैलने की दर को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में संक्रमण का आंकड़ा प्रतिदिन 4 लाख से ज्यादा हो सकता है। अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए मरीजों के इलाज में दिक्कत हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि इस महामारी से बचा जाए।

कोविड-19 का प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें
कोरोना की अभी कोई दवा मौजूद नहीं है। कोरोना के टीके जो उपलब्ध हैं वे महामारी से लड़ने के लिए शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। यानि कि टीका आपको बीमारी से 100 फीसदी सुरक्षित नहीं करेगा बल्कि आपकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएगा। संक्रमित होने पर आप गंभीर रूप से बीमार नहीं होंगे और बीमारी जानलेवा नहीं होगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना पर अगर काबू पाना है तो इसके संक्रमण फैलाने की श्रृंखला (चेन) को तोड़ना होगा। इसके लिए जरूरी है कि सभी लोग कोविड-10 प्रोटोकॉल का उचित एवं जिम्मेदारी पूर्वक व्यवहार करें। जरूरत के हिसाब से मास्क और डबल मास्क का इस्तेमाल करें। कोविड-19 का प्रोटोकॉल का जिम्मेदारीपूर्वक पालन करने पर इस महामारी से दूर रहा जा सकता है। 

जागरूक होकर कोरोना को हराया जा सकता है
कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित होने वालो में युवा वर्ग की संख्या ज्यादा है। इसे देखते हुए सरकार एक मई से 18 साल के ऊपर के व्यक्तियों को टीका लगाने जा रही है। इससे टीकाकरण अभियान में तेजी आएगी और देश का एक बड़ा वर्ग महामारी से सुरक्षित होगा। बच्चों को महामारी से सुरक्षा प्रदान करने के लिए भी सरकार को उपयुक्त टीका लाना चाहिए। कोरोना से लड़ाई कई मोर्चों पर लड़नी है। इस महामारी को हराने के लिए टीका, दवा, कोविड-19 प्रोटोकॉल सभी जरूरी हैं। सतर्क और जागरूक होकर कोरोना को हराया जा सकता है।    

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