Dharna in Sansad:तकिया, चद्दर लेकर रात में भी संसद परिसर में डटे निलंबित किए गए विपक्षी सांसद, गा रहे हैं गाना

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 21, 2020, 11:02 PM IST

Opposition's suspended MPs Dharna in Sansad: आठ राज्यसभा सांसदों के निलंबन के बाद ये सभी सांसद संसद भवन परिसर में ही अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।

Dharna in Sansad:तकिया, चद्दर लेकर रात में भी संसद परिसर में डटे निलंबित किए गए विपक्षी सांसद, गा रहे हैं गाना

आठ राज्यसभा सांसदों के निलंबन को लेकर विपक्षी दलों ने सोमवार को सरकार पर निशाना साधा वहीं आठ राज्यसभा सांसदों के निलंबन के बाद ये सभी सांसद संसद में गांधी प्रतिमा के आगे धरना दे रहे हैं, इनका कहना है कि वो पूरी रात धरना देंगे और तब तक धरना देंगे जब तक निलंबन वापस नहीं लिया जाता उधर गुलाम नबी आजाद का कहना है कि किसी ने भी राज्यसभा के उपसभापति को हाथ भी नहीं लगाया।

उच्च सदन में कृषि संबंधी विधेयकों को पारित किए जाने के दौरान 'अमर्यादित व्यवहार' के कारण इन सदस्यों को शेष सत्र के लिए निलंबित किया गया है वहीं निलंबित तृणमूल कांग्रेस सांसद डोला सेन ने संसद परिसर में एक गीत गाया।

विपक्षी दलों ने रविवार को राज्यसभा में हुए हंगामे के चलते सोमवार को आठ विपक्षी सदस्यों को निलंबित किए जाने को लेकर सरकार पर हमला बोला तथा इस कदम के विरोध में वे संसद भवन परिसर में 'अनिश्चितकालीन' धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।निलंबित किए गए आठ सांसदों में कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी , तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के सदस्य शामिल हैं। 

धरना स्थल पर तकिया और कंबल लेकर बैठे सांसदों ने कहा, 'हम झुकेंगे नहीं'

वहीं माकपा नेता इलामारम करीम ने कहा, 'निलंबन से हमारी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। हम किसानों के साथ उनकी लड़ाई में साथ रहेंगे। उपसभापति ने कल संसदीय प्रक्रियाओं का गला घोंटा है। सांसदों के निलंबन ने भाजपा के कायर चेहरे को उजागर कर दिया है।'

करीम उन आठ सांसदों में शामिल हैं जिन्हें निलंबित किया गया है। अन्य निलंबित सांसदों में तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन, कांग्रेस के राजीव सातव, सैयद नजीर हुसैन और रिपुन बोरा, आप के संजय सिंह और माकपा से केके रागेश शामिल हैं।

निलंबन के खिलाफ कांग्रेस, माकपा, शिवसेना, जनता दल (सेक्यूलर), तृणमूल कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और समाजवादी पार्टी के सांसद धरने में शामिल हैं जिनके पास 'लोकतंत्र की हत्या' और 'संसद की मौत' जैसे नारे लिखी तख्तियां हैं। आप के संजय सिंह ने कहा, 'देश के किसानों जाग जाओ। भाजपा की सरकार ने आपकी जिंदगी अडाणी-अंबानी को गिरवी रख दी है। जाग जाओ और इस काले कानून का विरोध करो। हम संसद में प्रदर्शन कर रहे हैं और आप इसके बाहर करो। भाजपा सरकार ने किसानों के खिलाफ काले कानून को पारित किया है। हमें विधेयक का विरोध करने के लिए निलंबित किया गया है।’’

सांसद अपने साथ गर्मी से बचने के लिए पंखे लेकर आए हैं

आप नेता ने कहा, 'इसलिए हम यहां धरने पर बैठे हैं और तब तक बैठे रहेंगे जब तक भाजपा सरकार आकर नहीं बताती कि क्यों लोकतंत्र का गला घोंटकर इस काले कानून को पारित किया गया है।' सांसद अपने साथ तकिया और कंबल तथा गर्मी से बचने के लिए पंखे लेकर आए हैं। कई सांसद फल खाते देखे गए। धरने के संबंध में एक सांसद ने कहा, 'यह अनिश्चितकालीन धरना होने जा रहा है। हम झुकेंगे नहीं।' माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने भी सरकार की निन्दा की और विधेयकों को पारित करने की प्रक्रिया को 'संसदीय लोकतंत्र' का उल्लंघन करार दिया।

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