NSG Black Cats: भारत की सबसे घातक कमांडो फोर्स, जानिए कितनी मुश्किल होती है ट्रेनिंग

देश
किशोर जोशी
Updated Oct 16, 2020 | 15:22 IST

दुनिया के सबसे घातक कमांडो फोर्स में से एक, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) का आज 36वां स्थापना दिवस है। इस मौके पर पीएम मोदी ने इस आकस्मिक तैनाती बल के जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दी।

NSG Black Cats Commando Raising Day of one of the finest anti-terror forces in the world
NSG Commando: भारत की सबसे घातक कमांडो फोर्स, [Details] 

मुख्य बातें

  • देश की सबसे घातक फोर्स में शामिल हैं एनएसजी कमांडो
  • बिल्ली जैसी चपलता के चलते एनएसजी कमांडोज को कहा जाता है 'ब्लैक कैट'
  • आज एनएसजी का है 36वां स्थापना दिवस, पीएम मोदी ने दी बधाई

नई दिल्ली:  अपनी चपलता और चीते जैसी फुर्ती के लिए मशहूर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड यानि एनएसजी का आज 36वां स्थापना दिवस है। 'ब्लैक कैट' के नाम से मशहूर एनएसजी कमांडो की ट्रेनिंग बेहद मुश्किल होती है। पीएम मोदी ने एनएसजी के स्थापना दिवस के मौके पर इस आकस्मिक तैनाती बल के जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दी और कहा कि देश की सुरक्षा में इसके योगदान पर देश को नाज है। एनएसजी की स्थापना 1984 में हुई थी। आतंकवादी गतिविधियों और अपहरण संबंधी घटनाओं में इसके जवान केंद्रीय अर्धसैनिक बलों का सहयोग करते हैं। विशेष परिस्थितियों से निपटने के लिए इस बल का उपयोग किया जाता है।

एनसएजी की चपलता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी एनएसजी के स्थापना दिवस पर ट्वीट करते हुए कहा, 'एनएसजी भारत के सुरक्षा तंत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसे अत्यंत साहस और पेशेवरता के साथ जोड़ा गया है। भारत को सुरक्षित और सलामत रखने के एनएसजी के प्रयासों पर भारत को गर्व है।' 26/11 का मुंबई आतंकी हमला हो या फिर पठानकोट एयरबेस में हुआ आतंकी हमला, हर जगह एनसएजी की भूमिका की भूमिका को सबने सराहा। बात वीआईपी सुरक्षा की हो या फिर बम निरोधक दस्ते की, हर जगह एनसएजी को विशेष रूप से इस्तेमाल किया जाता है। विशेष परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित की गई एक फोर्स की पहचान तेज रफ्तार, चपलता, आश्चर्य और सटीकता है।

इन परिस्थितियों में किया गया था गठन
जब पंजाब में आतंकवाद चरम पर था तो तब 1984 में इसका गठन किया गया था। तब केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उस समय एक ऐसी ताकत की कल्पना की, जो न केवल अत्यधिक एडवांस हो, बल्कि अच्छी तरह से प्रशिक्षित और विशेष रूप से आतंकवाद की घटनाओं को विफल करने में अहम भूमिका अदा कर सके। वीआईपी लोगों की सुरक्षा प्रदान करने के लिए 'ब्लैक कैट' का उपयोग करने के लिए अतीत में विभिन्न सरकारों की आलोचना की गई थी।

क्यों कहा जाता है ब्लैक कैट
एनएसजी का मूल मंत्र है 'सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा', इनकी फुर्ती, चपलता और तेजी की वजह से इन्हें ब्लैक कैट भी कहा जाता है और इसलिए इनकी ड्रेस भी काली होती है। मुंबई में जब आतंकी हमला हुआ था करीब 400 एनएसजी कमांडो वहां तैनात किए गए थे तो तीन दिन तक वहां रहे। यदि एक साथ कई जगहों पर आतंकी घटनाएं होती हैं तो सबसे पहले इसी फोर्स को एक्शन में लाया जाता है।


इतनी मुश्किल भरी होती है ट्रेनिंग
एनएसजी की ट्रेनिंग बेहद मुश्किल भरी होती है। इसके लिए आर्मी, पुलिस या पैरा मिलट्री से होना जरूरी होता है। ट्रेनिंग से पहले भी इन्हें कड़े मानसिक टेस्ट और फिजिकल टेस्ट से गुजरना होता है। आर्मी से 3 और पैरा मिलट्री से 5 साल के लिए जवानों को कमांडो ट्रेनिंग के लिए लिया जाता है। ट्रेनिंग के दौरान इन जवाों को नदियों, बाढ़ से उफनती नदियों और आग से गुजरना होता है और खड़ी चट्टानों तथा बिना सहारे के पहाड़ों पर चढ़ना इन कमांडो की ट्रेनिंग का एक अहम हिस्सा है। हर किसी को ब्लैक कैट कमांडों बनने का मौका नहीं मिलता है।

आधुनिक हथियारों से रहते हैं लैस
एनएसजी कमांडो अत्याधुनिक हथियारों से लैस रहते हैं और किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए हर समय तैयार रहते हैं। आसमान से हो या समुद्र से, हर परिस्थिति से निपटने के लिए ये कमांडो तैयार रहते हैं। मार्शल आर्ट में पारंगत ये कमांडो बगैर हथियार के भी तकनीक के सहारे दुश्मन का खात्मा करने का माद्दा रखते हैं। हर परिस्थिति से निपटने के लिए इन्हें अलग- अलग तरह से ट्रेनिंग दी जाती है।

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