रीता बहुगुणा जोशी, राज बब्बर के खिलाफ गैर जमानती वारंट, 2015 का है मामला

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 20, 2020, 07:03 AM IST

17 अगस्त 2015 को कांग्रेस का लक्ष्मण मेला स्थल पर धरना-प्रदर्शन था। करीब पांच हजार कार्यकर्ताओं के साथ सभी नेता धरना स्थल से विधानसभा का घेराव करने निकले थे।

रीता बहुगुणा जोशी, राज बब्बर के खिलाफ गैर जमानती वारंट, 2015 का है मामला
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लखनऊ : विशेष एमपी एमएलए अदालत ने वर्ष 2015 में एक धरना प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़ और पुलिस पर हमले के मामले में तत्कालीन कांग्रेस नेता तथा मौजूदा भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य समेत नौ अभियुक्तों के खिलाफ बृहस्पतिवार को गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है।

आपराधिक मामले में जारी हुआ वारंट
विशेष जज पवन कुमार राय ने धरना-प्रदर्शन के दौरान तोड-फोड़ तथा पुलिस बल पर हमला करने के एक आपराधिक मामले में गैरहाजिर रहने पर रीता बहुगुणा जोशी, राज बब्बर और प्रदीप जैन आदित्य समेत नौ अभियुक्तों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है।

कोतवाल को नोटिस जारी
इसके साथ ही अदालत ने उनकी जमानतदारों को भी नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। साथ ही इस मामले में वारंट की तामील नहीं कराने पर हजरतगंज के कोतवाल को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे पूछा है कि अदालत के इस आदेश का अनुपालन क्यों नहीं किया जा रहा है। आठ दिसंबर को उपस्थित होकर वह बताएं अन्यथा उनके खिलाफ आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

2015 का है मामला
गौरतलब है कि 17 अगस्त 2015 को कांग्रेस का लक्ष्मण मेला स्थल पर धरना-प्रदर्शन था। करीब पांच हजार कार्यकर्ताओं के साथ सभी नेता धरना स्थल से विधानसभा का घेराव करने निकले थे। इस दौरान रास्ते में पथराव हुआ जिससे इलाके में भगदड़ मच गई।

कई अधिकारियों को आई थी चोट
इस हमले में उप जिलाधिकारी (पूर्वी) निधि श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) राजीव मल्होत्रा और आलमबाग तथा हुसैनगंज के थानाध्यक्षों समेत कई अधिकारी जख्मी हुए थे। साथ ही कई राहगीरों को भी चोट आई थी। इस मामले में 25 दिसंबर 2015 को विवेचना के बाद पुलिस ने 18 अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र दाखिल किया था।
 

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