Noida : नोएडा की मार्मिक कहानी, पिता को बचाने के लिए बेटे ने खाली कर दिया अपना बेड 

मयंक का ऑक्सीजन का स्तर कम होने एवं उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें गत 17 अप्रैल को नोएडा कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी दौरान उनके पिता उदय प्रताप को भी कोरोना हो गया।

Noida : Son vaccates hospital bed for father to treat Corona
नोएडा में पिता को बचाने के लिए बेटे ने खाली कर दिया अपना बेड। 

नोएडा : उत्तर प्रदेश में करोनों मरीजों को जहां बेड मिलने में मुश्किल हो रही है, वहीं एक बेटे ने अपने पिता के लिए अपना बेड खाली कर दिया। बेटे का नोएडा कोविड अस्पताल में कोरोना का इलाज चल रहा था। बाद में लड़के के पिता की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई लेकिन इलाज के लिए उन्हें बेड मिलने में दिक्कत हो रही थी। पिता को बेड उपलब्ध कराने के लिए बेटे ने अपना बेड छोड़ दिया। पिता के लिए बेड खाली करने वाले व्यक्ति का नाम मयंक प्रताप सिंह है। मयंक गत 9 अप्रैल से बीमार हैं। 

बेटे का कोरोना का इलाज चल रहा था 
मयंक का ऑक्सीजन का स्तर कम होने एवं उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें गत 17 अप्रैल को नोएडा कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी दौरान उनके पिता उदय प्रताप को भी कोरोना हो गया और उनका ऑक्सीजन का स्तर नीचे आ गया। पिता के लिए जब किसी अस्पतालों में बेड की व्यवस्था नहीं हो पाई तो मयंक ने अपना बेड खाली करने का फैसला किया। मयंक ने अस्पताल प्रशासन से उनकी जगह अपने पिता को भर्ती करने का अनुरोध किया। 

बाद में पता चला कि पिता भी पॉजिटिव हो गए
मयंक ने टीओआई से कहा, 'गत 12 अप्रैल को मेरी कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। काफी प्रयास करने के बाद मुझे 17 अप्रैल को नोएडा कोविड अस्पताल में बेड मिला। मुझे यहां पहले जनरल वार्ड में भर्ती किया गया लेकिन हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने आईसीयू में शिफ्ट किया। यहां मेरा इलाज शुरू हुआ। मेरे ऑक्सीजन के स्तर में जब स्थिरता आई तो मुझे पता चला कि मेरे पिता की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।'

पिता का ऑक्सीजन लेवल नीचे आया
उन्होंने कहा, 'मेरे पिता की तबीयत बिगड़ती जा रही थी और उनका ऑक्सीजन लेवल भी नीचे आ रहा था। हमने उनके लिए बेड की तलाश करनी शुरू की लेकिन हमें कहीं पर भी बेड नहीं मिल सका। मुझे लगा कि उन्हें नोएडा कोविड अस्पताल में बेड मिल सकता है लेकिन यहां से भी मुझे निराश होना पड़ा।'

उनकी जगह पिता को भर्ती करने के लिए तैयार हुए डॉक्टर 
मयंक ने बताया, 'मैं एक सीनियर डॉक्टर के पास गया। मुझ लग रहा था कि मैं अब ठीक हो जाऊंगा। तभी एक वरिष्ठ डॉक्टर दौरे पर आए। मैंने उनसे कहा कि मैं अपने पिता के लिए अपना बेड खाली करना चाहता हूं। डॉक्टर इसके लिए तैयार हो गए। इस तरह से मेरे पिता 27 अप्रैल को मेरी जगह अस्पताल में भर्ती हो गए।' एक निजी कंपनी में काम करने वाले मयंक के पिता इलाहाबाद हाई कोर्ट में रजिस्ट्रार रह चुके हैं। मयंक के पिता अभी आईसीयू में भर्ती हैं।  

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