Nitish Kumar: 15 साल से बिहार के मुख्यमंत्री हैं नीतीश कुमार, बीच में 9 महीने इसलिए कुर्सी से रहे दूर

देश
लव रघुवंशी
Updated Oct 20, 2020 | 12:56 IST

Nitish Kumar: क्या नीतीश कुमार एक बार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे? या बिहार की जनता उन्हें इस बार नकार देगी? इसका जवाब 10 नवंबर को मिले, उससे पहले नीतीश कुमार के बारे में जानें:

nitish kumar
नीतीश कुमार, बिहार के मुख्यमंत्री 

मुख्य बातें

  • लंबे समय से बीजेपी के समर्थन से बिहार के मुख्यमंत्री हैं नीतीश कुमार
  • उनके साथ बीजेपी के सुशील मोदी है उपमुख्यमंत्री
  • बीच में आरजेडी और कांग्रेस के समर्थन से भी रहे मुख्यमंत्री

Nitish Kumar: नीतीश कुमार 2005 से लगातार बिहार के मुख्यमंत्री हैं। हालांकि 2014 में उन्होंने इस पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन 2015 में वो एक बार फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बन गए। इस कार्यकाल में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू का ज्यादातर समय तक बीजेपी के साथ गठबंधन रहा है। 2013 से जेडीयू का आरजेडी और कांग्रेस से गठबंधन हुआ। 2017 में जेडीयू फिर से एनडीए का हिस्सा बन गई। 

इसलिए दिया था इस्तीफा

2013 में जब बीजेपी ने जब 2014 लोकसभा चुनाव के लिए नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया तो नीतीश कुमार ने बीजेपी से नाता तोड़ लिया। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। 17 मई 2014 को उन्होंने अपनी पार्टी के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और 68 साल के जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। नीतीश कुमार ने ही मुख्यमंत्री के रूप में जीतन राम मांझी के नाम की पेशकश की थी।  

हालांकि बाद में हालात ऐसे बने कि नीतीश कुमार फरवरी 2015 में फिर से मुख्यमंत्री पद पर काबिज हो गए। 2015 विधानसभा चुनाव में वो आरजेडी और कांग्रेस के साथ मिलकर लड़े और जीते। नीतीश फिर से मुख्यमंत्री बनते हैं, लेकिन 2017 में वो महागठबंधन से अलग होकर बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना लेते हैं। 

केंद्र में मंत्री भी रहे हैं

1951 में जन्मे नीतीश कुमार केंद्रीय मंत्री पद पर भी रहे हैं। नीतीश केंद्रीय रेल मंत्री, भूतल परिवहन मंत्री और बाद में कृषि मंत्री भी रहे हैं। मार्च 2000 में जब केंद्र में वाजपेयी सरकार थी, नीतीश पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री चुने गए। एनडीए और सहयोगियों के पास 151 विधायक थे जबकि लालू प्रसाद यादव के पास 324 सदस्यीय सदन में 159 विधायक थे। दोनों गठबंधन बहुमत से पीछे थे। लेकिन सदन में बहुमत साबित करने से पहले नीतीश ने इस्तीफा दे दिया।

सुशासन बाबू के रूप में पहचान

नीतीश कुमार को सुशासन बाबू भी कहा जाता है। उनके लिए कहा जाता है कि जब वो सत्ता में आए तो उन्होंने बिहार में जंगलराज खत्म किया और कानून का राज स्थापित किया। लालू के कार्यकाल को अक्सर जंगलराज कहा जाता है। नीतीश के लिए कहा जाता है कि उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के अलावा विकास के भी कार्य किए। उन्होंने स्कूल जाने वाली लड़कियों को साइकिल दी, इससे राज्य में लड़कियों के स्कूल छोड़ने की दर में कमी आई। 2016 में उन्होंने बिहार में पूर्ण शराबबंदी भी लागू की।

इंजीनियरिंग में ली डिग्री

1973 में नीतीश का विवाह मंजू कुमारी सिन्हा से हुआ था। मंजू कुमारी पटना में एक स्कूल में अध्यापिका थीं। उनका एक बेटा है, जिसका नाम निशांत (जन्म 20 जुलाई 1975) है और वो बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान-मेसरा से इंजीनियरिंग में स्नातक हैं। 2007 में मंजू का निधन हो गया था। उनके बेटे राजनीति से दूर हैं। नीतीश ने 1972 में बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (अब NIT पटना) से इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। वह बिहार राज्य बिजली बोर्ड में शामिल हुए और बाद में राजनीति में आ गए।

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