Monkeypox से हिंदुस्तान में पहली मौत की पुष्टि- बोलीं केरल की स्वास्थ्य मंत्री, मृतक को सांस लेने में हो रही थी तकलीफ

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 1, 2022, 04:26 PM IST

कोरोना वायरस जैसी महामारी की मार से अभी देश उबर भी नहीं पाया था कि इस नए वायरस ने आकर पूरे मुल्क की चिंता को दोगुना कर दिया।

Monkeypox से हिंदुस्तान में पहली मौत की पुष्टि- बोलीं केरल की स्वास्थ्य मंत्री, मृतक को सांस लेने में हो रही थी तकलीफ
Photo Credit: IANS

मंकीपॉक्स (Monkeypox) वायरस से हिंदुस्तान में पहली मौत की पुष्टि हो गई है। यह जानकारी सोमवार को केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने दी। मंत्री के मुताबिक, इस वायरस से पहली मौत की पुष्टि हुई है। सैंपल एलेप्पी एनआईवी (Allepey NIV) में टेस्ट किए गए थे और बाद में उन्हें को पुणे वायरोलॉजी संस्थान (Pune Virology institute) भेजा गया था।

मृतक में 26 जुलाई की रात से लक्षण दिखे थे, जिसके बाद राज अस्पताल (चावकाडु) में सुबह भर्ती कराया गया था। बताया गया कि इलाज के दौरान उन्हें असामान्य मरोड़ की तकलीफ और सांस लेने में समस्या हो रही थी। मृतक के संपर्क में 20 लोग आए थे। इनमें परिवार, दोस्त और फुटबॉल मैच के दौरान स्थानीय टीम के साथी शामिल हैं।

दरअसल, दक्षिण भारतीय सूबे केरल में 30 जुलाई को 22 साल के एक युवक की मौत हुई थी। अब उसी के नमूनों में मंकीपॉक्स का संक्रमण होने की पुष्टि हुई। सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया कि वह युवक हाल में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से लौटा था। वहां भी उसके मंकीपॉक्स से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। यूएई में 19 जुलाई को उसके नमूने लिए गए थे और 21 जुलाई को वह भारत लौटा था। इसके बाद 27 जुलाई को उसे त्रिशूर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

मंकीपॉक्स से देश में पहली मौत की पुष्टि तब हुई है, जब इसे लेकर सतर्कता का माहौल है। हाल ही में भारत में मंकीपॉक्स के मामलों पर नजर रखने और संक्रमण की रोकथाम के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में फैसला लेने के लिए एक कार्यबल का गठन किया गया। समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को बताया कि यह कार्यबल देश में संक्रमण का पता लगाने के लिए जांच केंद्रों के विस्तार को लेकर सरकार का मार्गदर्शन करेगा और बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण संबंधी पहलुओं पर नजर रखेगा।

भारत में अब तक इस बीमारी के पांच मामले सामने आए हैं। कार्यबल के गठन का निर्णय देश में चल रही जनस्वास्थ्य संबंधी तैयारियों की समीक्षा के लिए 26 जुलाई को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया था। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी के पॉल इस कार्यबल की अगुवाई करेंगे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल में मंकीपॉक्स को वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। वैश्विक स्तर पर, 75 देशों में मंकीपॉक्स के 16,000 से अधिक मामले पाए गए हैं। 

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!