अग्निपथ योजना को लेकर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, भर्ती की अधिकतम उम्र 21 साल से बढ़ाकर की गई 23 साल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 17, 2022, 12:07 AM IST

अग्निपथ योजना को लेकर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया। अधिकतम उम्र 21 साल से बढ़ाकर 23 साल की गई। विरोध के बाद भर्ती की उम्र सीमा बढ़ाई गई। 

अग्निपथ योजना को लेकर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, भर्ती की अधिकतम उम्र 21 साल से बढ़ाकर की गई 23 साल

नई दिल्ली: अग्निपथ योजना को लेकर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया। अधिकतम उम्र 21 साल से बढ़ाकर 23 साल की गई। विरोध के बाद भर्ती की उम्र सीमा बढ़ाई गई। दो साल से भर्ती नही होने की वजह से यह फैसला लिया गया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सरकार अग्निपथ योजना के लिए ऊपरी आयु सीमा में 21 वर्ष से बढ़ाकर 23 वर्ष करने के लिए एकमुश्त छूट प्रदान करती है। पिछले दो वर्षों में कोई भर्ती नहीं होने के कारण निर्णय लिया गया है। इससे पहले सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए थलसेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती संबंधी अग्निपथ योजना की मंगलवार को ऐलान किया था। जिसके तहत सैनिकों की भर्ती 4 साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट आधार पर की जाएगी। योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल करीब 46,000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे। चयन के लिए पात्रता आयु साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होगी और इन्हें अग्निवीर नाम दिया जाएगा। लेकिन अब इस उम्र सीमा को बढ़ा दिया गया है।

गौर हो कि सेना में भर्ती के लिए नई योजना अग्निपथ के खिलाफ कई राज्यों में हिंसक विरोध प्रदर्शनों हुए। सेना में भर्ती के इच्छुक युवाओं ने ट्रेनों में आग लगा दी, बसों की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए और बिहार में सत्तारूढ़ बीजेपी के एक विधायक सहित राहगीरों पर पथराव किया। सेना में भर्ती के आकांक्षी युवाओं का यह विरोध प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। इस स्कीम के खिलाफ बिहार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत सात राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है।

विरोध प्रदर्शनों के बीच गुरुवार सरकार ने एक स्पष्टीकरण जारी किया। कहा कि नया मॉडल न केवल सशस्त्र बलों के लिए नई क्षमताएं लाएगा, बल्कि प्राइवेट सेक्टर में युवाओं के लिए अवसर के द्वार भी खोलेगा। सरकार ने साथ ही कहा कि यह स्कीम युवाओं को वित्तीय पैकेज की सहायता से उद्यमी बनने में मदद भी करेगा। योजना को लेकर जताई जा रही चिंताओं को दूर करने के लिए 'मिथक बनाम सच' दस्तावेज जारी करने के अलावा, सरकार की सूचना प्रसार शाखा ने सोशल मीडिया कई पोस्ट किये, जिनमें कहा गया कि आने वाले वर्षों में, अग्निवीरों की भर्ती सशस्त्र बलों में वर्तमान भर्ती से करीब तिगुनी होगी और रेजिमेंट प्रणाली में किसी भी बदलाव से इनकार किया। पीआईबी ने फेसबुक पर पोस्ट में कहा कि यह योजना सशस्त्र बलों में नयी गतिशीलता लाएगी। यह बलों को नई क्षमताओं को लाने और युवाओं के तकनीकी कौशल और नई सोच का लाभ उठाने में मदद करेगी। यह युवाओं को राष्ट्र की सेवा करने का मौका देगी।

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