'क्या विदेश मंत्रालय सो रहा है?' ट्विटर पर भिड़े जयराम रमेश और एस. जयशंकर, विदेश मंत्री ने बताया सच

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 2, 2021, 01:29 PM IST

फिलीपींस दूतावास को ऑक्सीजन की जरूरत को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ट्विटर पर ही एक दूसरे से भिड़ गए।

'क्या विदेश मंत्रालय सो रहा है?' ट्विटर पर भिड़े जयराम रमेश और एस. जयशंकर, विदेश मंत्री ने बताया सच

मुंबई: कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में हालात बदतर होते जा रहे हैं और इस बीच हर जगह खतरा बना हुआ है। हाल ही में फिलीपींस दूतावास में ऑक्सीजन की जरूरत से जुड़ी जानकारी को लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने विदेश मंत्रालय और सरकार पर तंज कसने की कोशिश की और साथ ही सवाल किया कि क्या विदेश मंत्रालय सो रहा है, साथ ही युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को मदद पहुंचाने के लिए बधाई दी, इस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने करारा जवाब देते हुए असल सच का खुलासा किया।

दरअसल भारत स्थित फिलीपींस दूतावास की ओर से ट्वीट किया गया था कि उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत है और इस पर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की ओर से ऑक्सीजन की सप्लाई किए जाने की खबर सामने आई थी।

ऑक्सीजन की जरूरत को लेकर आई इस शुरुआती जानकारी के आधार पर यूपीए सरकार में पर्यावरण मंत्री रहे कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया, 'कोरोना काल में भारतीय युवा कांग्रेस की तरफ की ओर से मदद किए जाने के लिए मैं धन्यवाद करता हूं। लेकिन एक भारतीय नागरिक के रूप में मैं यह जानकर हैरान हूं कि विपक्षी पार्टी की युवा विंग विदेशी दूतावास की एसओएस कॉल की प्रतिक्रिया दे रही है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर क्या विदेश मामलों का मंत्रालय सो रहा है?'

विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस ट्वीट पर जवाब देकर सच का खुलासा करते हुए कहा, 'विदेश मामलों के मंत्रालय ने फिलीपींस एबेंसी में चेक करवाया। वहां कोरोना केस नहीं है, बेवजह सप्लाई की जा रही है। आपको पता है कि सस्ती लोकप्रियता के लिए यह काम कौन कर रहा है। जब जरूरतमंद लोग सिलेंडर के लिए परेशान हो रहे हैं , ऐसे में इस तरह से ऑक्सीजन सिलेंडर बांटना ठीक नहीं।'

विदेश मंत्री जयशंकर ने आगे करारी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, 'जयरामजी, विदेश मंत्रालय कभी नहीं सोता है। हमारे लोग दुनियाभर में हैं। हम पता है कि कौन क्या करता है।'

गौरतलब है कि इससे पहले राष्ट्रीय युवा कांग्रेस से मदद मांगते हुए न्यूजीलैंड के दूतावास की ओर से भी ट्वीट किया गया था हालांकि बाद में इसे डिलीट कर दिया गया।

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