Rakeshwar singh manhas: नक्सलियों के चंगुल से CRPF जवान राकेश्वर सिंह आजाद, 3 अप्रैल को बनाए गए थे बंधक

सीआरपीएफ जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को नक्सलियों ने छोड़ दिया है। बता दें कि राकेश्वर सिंह की रिहाई के लिए नक्सलियों की तरफ से तमाम तरह का शर्तें भी रखी गई थीं।

Rakeshwar singh manhas:सीआरपीएफ जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को नक्सलियों ने छोड़ा
राकेश्वर सिंह मन्हास को नक्सलियों ने छोड़ा 

मुख्य बातें

  • नक्सलियों के चंगुल से राकेश्वर सिंह मन्हास आजाद
  • नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान बनाए गए थे बंधक
  • जम्मू के रहने वाले हैं राकेश्वर सिंह मन्हास

नई दिल्ली। सीआरपीएफ के बंधक जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को नक्सलियों ने छोड़ दिया है। वो फिलहाल तरेम्म थाने पहुंच चुके हैं। उन्हें रायपुर लाने के लिए हेलीकॉप्टर भेजा गया है। पिछले दिनों बीजापुर मुठभेड़ के बाद नक्सलियों ने एक जवान को बंधक बना लिया था। बता दें कि अभी साफ नहीं है कि नक्सलियों से किसी तरह की डील हुई है या दबाव बढ़ने के बाद नक्सलियों ने फैसला लिया है। 

तीन अप्रैल को बनाए गए थे बंधक
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में पिछले दिनों हुए नक्सली हमले के बाद लापता एक जवान की तस्वीर बुधवार को कुछ स्थानीय पत्रकारों को मिली थी। नक्सलियों द्वारा इसे पत्रकारों तक भेजे जाने का दावा किया गया था। मंगलवार को नक्सलियों ने इस जवान के अपने कब्जे में होने का दावा किया था।

पांच दिन बाद नक्सलियों मे किया आजाद
सुकमा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में शनिवार को नक्सलियों से मुठभेड़ के बाद से लापता सीआरपीएफ के 210 कोबरा बटालियन सुकमा और बीजापुर जिले के स्थानीय संवाददाताओं ने बताया कि था कि तस्वीर उन्हें मिली थी। हालांकि तस्वीर में किसी भी माओवादी का चेहरा नहीं दिख रहा था। मंगलवार को माओवादियों ने जवान राकेश्वर सिंह के अपने कब्जे में होने का दावा किया था। नक्सलियों के कथित बयान में कहा गया था कि सरकार पहले मध्यस्थों के नाम की घोषणा करे, इसके बाद बंदी जवान को सौंप दिया जाएगा और तब तक वह सुरक्षित रहेगा।

India News in Hindi (इंडिया न्यूज़), Times now के हिंदी न्यूज़ वेबसाइट -Times Network Hindi पर। साथ ही और भी Hindi News (हिंदी समाचार) के अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें.

Times now
Mirror Now
ET Now
zoom Live
Live TV
अगली खबर