'मन की बात' में बोले PM मोदी- त्योहारों में सैनिकों के लिए भी जलाएं एक दीया, खरीददारी में अपनाएं वोकल फॉर लोकल

देश
किशोर जोशी
Updated Oct 25, 2020 | 12:04 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देशवासियों से लोकल फॉर वोकल अपनाने की भी अपील की।

Mann ki Baat live updates PM Modi addresses nation through Radio
दीवाली में 'लोकल फॉर वोकल' का ध्यान जरूर रखें- पीएम मोदी 

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए देशवासियों से अपने विचार साझा कर किए। इस दौरान पीएम ने सबसे पहले देशवासियों को दशहरे की शुभकामना दी। उन्होंने कहा, 'आज दशहरे का पर्व है औऱ इसके अवसर पर आपको ढेर सारी शुभकामनाएं। यह संकटों पर धैर्य का पर्व है। जो लड़ाई हम लड़ रहे हैं, उसमें जीत भी तय है। पहले दुर्गा पंडालों में मेले जैसा माहौल हो जाता था लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। पहले दशहरा के मेलों पर भी भीड़ जुट जाती थी लेकिन इस बार माहौल अलग हैं। आगे ईद, शरद पूर्णिमा, दीवाली, छठ पूजा, भाई दूज आदि हैं। कोरोना के काल में हमें मर्यादा में ही रहना है।'

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कृषि क्षेत्र से युवा भी जुड़ने लगे हैं। कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा हो रही हैं। कृषि कानूनों से कंपनियों को अच्छा फायदा हो रहा है। नए कृषि कानूनों से कृषि क्षेत्र में नई संभवनाएं पैदा हो रही हैं। पुलवामा का ऊखु पेंसिल के पुलवामा के लोगों ने कुछ नया करने की ठानी है। पेंसिल की लकड़ी में पुलवामा की अपनी पहचान है। कश्मीर घाटी 90 प्रतिशत पेंसिल की लकड़ी की पूर्ति करती है- पीएम मोदी

मेरे प्यारे देशवासियो, सरदार पटेल ने अपना पूरा जीवन देश की एकजुटता के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने, भारतीय जनमानस को, स्वतंत्रता आन्दोलन से जोड़ा। उन्होंने, आजादी के साथ किसानों के मुद्दों को जोड़ने का काम किया। उन्होंने, राजे-रजवाड़ो को हमारे राष्ट्र के साथ एक करने का काम किया। वे विविधिता में एकता के मंत्र को हर भारतीय के मन में जगा रहे थे- पीएम मोदी

-गीता में कहा गया है -   न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्र मिह विद्यते अर्थात, ज्ञान के समान, संसार में कुछ भी पवित्र नहीं हैं। मैं ज्ञान का प्रसार करने वाले, ऐसे नेक प्रयास करने वाले, सभी महानुभावों का हृदय से अभिनंदन करता हूँ। मेरे प्यारे देशवासियो, कुछ ही दिनों बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जन्म जयंती, 31 अक्टूबर को हम सब, ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के तौर पर मनाएंगे ।  ‘मन की बात’ में, पहले भी हमने, सरदार पटेल पर विस्तार से बात की है- पीएम मोदी

- साथियों  लेकिन आपको ये जानकार खुशी होगी कि पूरे भारत में अनेक लोग हैं जिन्हें ज्ञान के प्रसार से अपार खुशी मिलती है।  ये वो लोग हैं जो हमेशा इस बात के लिए तत्पर रहते हैं कि हर कोई पढ़ने के लिए प्रेरित हो। ऐसी ही हैं मध्य प्रदेश की एक शिक्षिका सिंगरौली की रहने वाली ऊषा दुबे, जिन्होंने स्कूली को मोबाइल लाइब्रेरी में बदल दिया है। वे प्रतिदिन अपने चलते-फिरते पुस्तकालय के साथ किसी न किसी गाँव में पहुँच जाती हैं और वहाँ बच्चों को पढ़ाती हैं। बच्चे उन्हें प्यार से किताबों वाली दीदी कह कर बुलाते हैं। ये library सातों दिन, चौबीसों घंटे खुली रहती है। आस-पड़ोस के अभिभावक यह देखकर काफी खुश हैं, कि उनके बच्चे किताब पढ़ने में जुटे हैं। खासकर उस समय जब स्कूलों ने भी online classes शुरू कर दी हैं- पीएम मोदी

- वहीं चंडीगढ़ में एक NGO चलाने वाले संदीप कुमार जी ने एक mini van में mobile library बनाई है, इसके माध्यम से गरीब बच्चों को पढ़ने के लिए मुफ्त में books दी जाती हैं। यह संस्था प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए बहुत मददगार है। यह ट्रस्ट 1975 से काम कर रहा है और ये 5,000 पुस्तकों के साथ 140 से अधिक magazine उपलब्ध कराता है- पीएम मोदी

- मेरे प्यारे देशवासियो, आज जब हम Local के लिए Vocal हो रहे हैं तो दुनिया भी हमारे local products की fan हो रही है। हमारे कई स्थानीय उत्पादों में global होने की बहुत बड़ी शक्ति है। जैसे एक उदाहरण है - खादी का। स्वास्थ्य की दृष्टि से ये बॉडी फ्रेंडली फेब्रिक है, all weather fabric है और आज खादी फैशन स्टेटमेंट तो बन ही रही है। खादी की popularity तो बढ़ ही रही है, साथ ही, दुनिया में कई जगह, खादी बनाई भी जा रही है । मेक्सिको में एक जगह है ‘ओहाका’। इस इलाके में कई गाँव ऐसे है, जहाँ स्थानीय ग्रामीण, खादी बुनने का काम करते है। आज, यहाँ की खादी ‘ओहाका खादी’ के नाम से प्रसिद्ध हो चुकी है- पीएम मोदी

- हमें घर में एक दीया, भारत  माता के इन वीर बेटे-बेटियों के सम्मान में भी जलाना है। मैं, अपने वीर जवानों से भी कहना चाहता हूँ कि आप भले ही सीमा पर हैं, लेकिन पूरा देश आपके साथ हैं, आपके लिए कामना कर रहा है। मैं उन परिवारों के त्याग को भी नमन करता हूँ जिनके बेटे-बेटियाँ आज सरहद पर हैं। हर वो व्यक्ति जो देश से जुड़ी किसी-न-किसी जिम्मेदारी की वजह से अपने घर पर नहीं है, अपने परिवार से दूर है – मैं, ह्रदय से उसका आभार प्रकट करता हूँ- - पीएम मोदी

- साथियो, हमें अपने उन जाबाज़ सैनिकों को भी याद रखना है, जो, इन त्योहारों में भी सीमाओं पर डटे हैं। भारत-माता की सेवा और सुरक्षा लॉकडाउन में हमने, समाज के उन साथियों को और करीब से जाना है जिनके बिना, हमारा जीवन बहुत ही मुश्किल होजाता है। सफाई कर्मचारी घर में काम करने वाले वाले भाई बहन, लोकल सब्जी वाले, दूध वाले, सिक्योरिटी गार्ड इनक सबका हमारे जीवन में क्या रोल है। ये हम सबने महसूस किया है। हमें उनको याद करके ही अपने त्योहार मनाने हैं। अब, अपने पर्वों में, अपनी खुशियों में भी, हमें इनको साथ रखना है। मेरा आग्रह है कि, जैसे भी संभव हो, इन्हें अपनी खुशियों में जरुर शामिल करिये। परिवार के सदस्य की तरह करिये, फिर आप देखिये, आपकी खुशियाँ, कितनी बढ़ जाती हैं।इन सबका हमारे जीवन में क्या रोल है, हमने अब भली-भांति महसूस किया है | कठिन समय में, ये आपके साथ थे, हम सबके साथ थे- पीएम मोदी

- त्योहारों की ये उमंग और बाजार की चमक, एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। लेकिन इस बार जब आप खरीदारी करने जायें तो ‘Vocal for Local’ का अपना संकल्प अवश्य याद रखें। बाजार से सामान खरीदते समय, हमें स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी है। साथियो, त्योहारों के इस हर्षोल्लास के बीच में Lockdown के समय को भी याद करना चाहिए- पीएम मोदी

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