'आपका वीजा रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए?' पीएम मोदी के बांग्लादेश दौरे पर ममता बनर्जी ने यूं उठाए सवाल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 27, 2021, 04:42 PM IST

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि यहां चुनाव चल रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेश जाते हैं और बंगाल पर व्याख्यान देते हैं। यह चुनाव आचार संहिता का पूरी तरह उल्लंघन है।

'आपका वीजा रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए?' पीएम मोदी के बांग्लादेश दौरे पर ममता बनर्जी ने यूं उठाए सवाल
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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में आज विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण की वोटिंग हो रही है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 दिन के बांग्लादेश दौरे पर हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वोटिंग के बीच पीएम मोदी के बांग्लादेश दौरे पर सवाल उठाए हैं। खड़गपुर में टीएमसी नेता ने कहा कि यहां चुनाव चल रहे हैं और वह (पीएम) बांग्लादेश जाते हैं और बंगाल पर लेक्चर देते हैं। यह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। ममता ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव आयोग से इस संबंध में शिकायत करेगा।

ममता बनर्जी ने कहा, 'कभी-कभी वे कहते हैं कि ममता ने बांग्लादेश से लोगों को लाया है और घुसपैठ की है। लेकिन वह (पीएम) खुद वोट मार्केटिंग के लिए बांग्लादेश जाते हैं।' 

टीएमसी प्रमुख ने कहा कि '2019 लोकसभा के चुनावों में जब एक बांग्लादेशी अभिनेता ने हमारी रैली में भाग लिया, तो बीजेपी ने बांग्लादेश सरकार से बात की और उसका वीजा रद्द कर दिया। जब यहां चुनाव हो रहे हैं, तो आप (पीएम) बांग्लादेश जाकर लोगों के एक हिस्से से वोट मांगते हैं, ऐसा क्यों नहीं होना चाहिए आपका वीजा रद्द कर दिया जाएगा? हम चुनाव आयोग से शिकायत करेंगे। 

पश्चिम बंगाल में मतुआ समुदाय का असर

26 मार्च को 2 दिन के बांग्लादेश दौरे पर गए पीएम मोदी ने आज मतुआ समुदाय के लोगों को संबोधित किया। पश्चिम बंगाल की सियासत में मतुआ समुदाय के लोगों की भूमिका काफी अहम समझी जाती है। यहां इस समुदाय की आबादी 2 करोड़ से भी अधिक बताई जाती है और पश्चिम बंगाल के नदिया तथा उत्तर व दक्षिण 24 परगना जिले में 40 से ज्‍यादा विधानसभा सीटों पर इनकी पकड़ बेहद मजबूत मानी जाती है।   
मतुआ समुदाय को किया संबोधित

पीएम मोदी ने ओराकान्दी मंदिर में दर्शन के बाद कहा, 'मैं आज वैसा ही महसूस कर रहा हूं, जो भारत में रहने वाले मतुआ संप्रदाय के मेरे हजारों-लाखों भाई-बहन ओराकांडी आकर महसूस करते हैं। मैं कई वर्षों से इस अवसर का इंतजार कर रहा था। जब मैं 2015 में बांग्लादेश आया था मैंने ओराकांडी जाने की अभिलाषा व्यक्त की थी। भारत और बांग्लादेश दोनों ही देश अपने विकास से, अपनी प्रगति से पूरे विश्व की प्रगति देखना चाहते हैं। दोनों ही देश दुनिया में अस्थिरता, आतंक और अशांति की जगह स्थिरता, प्रेम और शांति चाहते हैं।'

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