ममता बनर्जी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, कई मुद्दों पर हुई बात, क्या है सियासी मायने

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 5, 2022, 05:42 PM IST

चार दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुंची पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक जीएसटी बकाया समेत कई मुद्दों पर चर्चा की।

ममता बनर्जी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, कई मुद्दों पर हुई बात, क्या है सियासी मायने
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नई दिल्ली:  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चार दिवसीय दिल्ली दौरे पर गुरुवार को यहां पहुंची। उन्होंने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने अपने राज्य के लिए जीएसटी बकाया समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। यह मुलाकात के सियासी मायने भी निकाले जा सकते हैं क्योंकि पश्चिम बंगाल में ईडी ने टीचर भर्ती घोटाले में उनके मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया। 

प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन में सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि ग्रामीण रोजगार योजना-मनरेगा, पीएम-आवास योजना और पीएम-ग्रामीण सड़क योजना के क्रियान्वयन के कारण राज्य के लिए धन को तत्काल जारी करने के संबंध में वह कई बार हस्तक्षेप का आग्रह कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के तहत राज्य को देय राशि अब करीब 17,996.32 करोड़ रुपए है।

अपने ज्ञापन में बनर्जी ने विभिन्न योजनाओं और लाभों के तहत राज्य को देय कुल राशि का ब्योरा प्रस्तुत किया है। केंद्र सरकार की ओर से राज्य को 31 जुलाई, 2022 तक जो राशि बकाया है, वह लगभग 1,00,968.44 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। बनर्जी ने कई दफा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर राज्यों, विशेषकर विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों को माल और सेवा कर (जीएसटी) के भुगतान में देरी करने का आरोप लगाया है।

बनर्जी ने कहा कि हमारे राज्य को कठिन दौर का सामना करना पड़ा और कोविड-19 महामारी, यास, अम्फान जैसी प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त खर्च करना पड़ा, जिसके लिए केंद्रीय धन प्राप्त नहीं हुआ है।

बनर्जी की प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात ऐसे वक्त हुई है जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को गिरफ्तार किया और कथित स्कूल नौकरी घोटाले के सिलसिले में भारी नकदी और आभूषण बरामद किए। गिरफ्तारी के बाद चटर्जी को मंत्री पद से हटा दिया गया था। हालांकि, यह पता नहीं चल पाया है कि बैठक में इस मुद्दे पर बात हुई या नहीं।

बनर्जी की प्रधानमंत्री से मुलाकात के कारण पश्चिम बंगाल में चटर्जी के मामले और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा अन्य जांच पर बीजेपी के साथ संभावित सहमति बनने को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सुजान चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि यदि राज्य का बकाया लेने के लिए यह बैठक हुई तो राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी संबंधित दस्तावेजों के साथ वहां मौजूद होते। चक्रवर्ती ने दावा किया कि यह सोचने का कोई कारण नहीं है कि बैठक राज्य के हित में थी।

बैठक के बाद बनर्जी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने गईं। चार दिवसीय दौरे पर गुरुवार को यहां पहुंचीं बनर्जी के सात अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में होने वाली नीति आयोग संचालन परिषद की बैठक में शामिल होने की संभावना है। पिछले साल वह बैठक में शामिल नहीं हुई थीं।

बनर्जी की मोदी से मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 6 अगस्त को उप राष्ट्रपति चुनाव होगा, जिससे उनकी तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने दूर रहने का फैसला किया है। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ को उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है, जबकि विपक्षी दलों ने मार्गरेट अल्वा को उम्मीदवार बनाया है।

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