लॉकडाउन: लोगों के लिए भूख राहत केंद्र खोलेगी दिल्ली सरकार,सीएम केजरीवाल ने जमाखोरों को चेताया

कोरोना संकट को लेकर दिल्ली सरकार ने भी खास तैयारियां की हैं और सरकारी मशीनरी को अलर्ट कर दिया है ताकि किसी को कोई परेशानी का सामना ना करना पड़े। 

kejriwal
दिल्ली में कोई भूख की समस्या का सामना ना करे इसके लिए उचित व्यवस्थायें की गई हैं  

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार कोरोना संकट के चलते 21 दिन के जारी लॉकडाउन का पालन करवाने में जुटी है और दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने लोगों से अपील की है कि वो इसका बखूबी पालन करें, वहीं उन्होंने कहा है कि दिल्ली में कोई भूख की समस्या का सामना ना करे इसके लिए उचित व्यवस्थायें की गई हैं। 

सरकार ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों को आदेश दिया कि नोवल कोरोना वायरस को लेकर देश में बंद के मद्देनजर जरूरतमंदों को खाना मुहैया कराने के लिए भूख राहत केंद्र खोले जाएं। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आदेश जारी कर सभी डीएम से हर निगम वार्ड में दो केंद्र खोलने को कहा है।

जिला मजिस्ट्रेट हर भूख राहत केंद्र के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे, जहां बेघर और वंचित लोगों को दोनों वक्त का खाना दिया जाएगा।अधिकारी के मुताबिक खाना परोसते समय सामाजिक दूरी के प्रोटोकॉलों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।

वहीं राज्य सरकार ने लोगों से जरूरी सामान जमा नहीं करने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर 21 दिनों के लॉकडाउन के कारण उनसे अधिक कीमत ली जाती हैं तो वे अधिकारियों को इसकी जानकारी दे।

सरकार ने जोनल अधिकारियों के फोन नंबर जारी किए हैं जिन पर लोग यह बता सकते हैं कि किस दुकानदार ने अधिक कीमत ली है। खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री इमरान हुसैन ने प्रत्येक क्षेत्र के लिए फोन नंबर ट्वीट किए हैं। ये नंबर इस पक्रार हैं : 9213894305 (पश्चिम); 9818592867 (मध्य); 8700424211 (दक्षिण); 9540167842 (दक्षिण पश्चिम); 9999409284 (उत्तर पश्चिम); 9654001602 (उत्तर); 9810667050 (उत्तर पूर्व); 9971913232 (पूर्व); 9891945229 (नयी दिल्ली)।

हुसैन ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लाभार्थियों को राशन की आपूर्ति की व्यवस्था की भी समीक्षा की।  दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि वह अप्रैल के लिए पीडीएस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को मौजूदा मासिक पांच किलो के बजाय 7.5 किलोग्राम खाद्यान्न प्रदान करेगी।

एक बयान में कहा गया है, 'कतार के मामले में, लाभार्थियों के बीच एक मीटर की दूरी बनाए रखी जानी चाहिए। लाभार्थियों को मास्क पहनने और हैंड सेनिटाइज़र का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।'


 

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