Rashtravad: AMU और Jamia के खिलाफ प्रधानमंत्री को 'लेटर', शिक्षा की सफाई की गुहार

देश के 25 बुद्धिजीवियों ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है और लिखा है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, जामिया और हमदर्द यूनिवर्सिटी में जिहाद का पाठ पढ़ाया जा रहा है..

Letter to PM against AMU and Jamia
AMU और Jamia के खिलाफ प्रधानमंत्री को 'लेटर' 

आज राष्ट्रवाद में बात होगी देश में फैलाई जा रही कट्टरता वाली सोच पर कड़े प्रहार की ......देश में पिछले कई दिनों से कट्टरता और नफरत फैलाने की कोशिश हो रही है ...सर तन से जुदा के नारे हो या फिर देश में धार्मिक उन्माद फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो ...लेकिन अब देश में इन नफरती सोच के खिलाफ मोर्चा तैयार किया जा रहा है ....

इस मुद्दे पर बहस करें उससे पहले आपको तीन तस्वीरें दिखाते हैं - देश में कट्टरता और आतंक का जाल फैला रहे IS मॉड्यूल पर आज NIA ने बड़ी चोट की है ..NIA ने आज देश के कई राज्यों में छापेमारी कर IS मॉड्यूल का फंडाफोड़ किया है ...वहीं दूसरी तरफ देश के करीब 25 विद्वानों ने प्रधानमंत्री मोदी को एक चिट्ठी लिखी है ...इस चिट्ठी में तीन यूनिवर्सिटी का जिक्र करते हुए उनमें जिहादी पाठ पढ़ाने का आरोप लगाया है ....और इस पर बैन लगाने की मांग की है ...वहीं कल तमाम धर्मों के लोगों ने एक मंच पर जमा होकर पीएफआई जैसे कट्टरपंथी संगठनों पर बैन लगाने की मांग की है 

देश के 25 बुद्धिजीवियों ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है और लिखा है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, जामिया और हमदर्द यूनिवर्सिटी में जिहाद का पाठ पढ़ाया जा रहा है ...पीएम को लिखे ओपन लेटर में लिखा है कि -

माननीय प्रधानमंत्री जी सादर नमन 
हम सब आपके ध्यान में लाना चाहते हैं कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और हमदर्द विश्वविद्यालय जैसे राज्य वित्त पोषित इस्लामी विश्वविद्यालयों में कुछ विभागों द्वारा जिहादी इस्लामिक पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है ...हिंदू समाज, संस्कृति और सभ्यता पर कभी ना खत्म होने वाले हिंसक हमले ऐसी शिक्षा का सीधा परिणाम नजर आते हैं ...ये गहरी चिंता का विषय है कि प्रमुख इस्लामी विश्वविद्यालयों में ऐसी विचारधाराओं को वैधता और सम्मान का आवरण दे रहे हैं ...खासकर भारत के विभाजन के बाद जब से देश के कुछ प्रमुख मुस्लिम नेताओं ने खुले तौर पर 2047 तक देश के इस्लामीकरण करने के प्रति अपने दृढ़ संकल्प करने का ऐलान किया है । चुकि ऐसे विश्वविद्यालय हम करदाताओं और जनता के पैसे से चल रहे हैं ...हम देश के नागरिक के तौर पर ऐसी शिक्षा के खिलाफ कार्रवाई की मांग का अधिकार रखते हैं। हमारी इस अपील के पीछे की वजहों के संदर्भों को हम नीचे नोट के तौर पर संलग्न कर रहे हैं ...इस मुद्दे के राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हितों को देखते हुए इस मामले में आपका ब्यक्तिगत ध्यान और कार्रवाई की उम्मीद है 

इस चिट्ठी के सामने आने के बाद तथाकथित धर्म के ठेकेदार अपनी राय दे रहे हैं ...तो वहीं यूनिवर्सिटी की ओर से दावा किया जा रहा है कि ऐसी कोई पढ़ाई नहीं पढ़ाई जा रही है

उधर देश भर में फैले IS के टेरर मॉड्यूल पर बड़ा एक्शन हुआ है। NIA और यूपी ATS की टीम ने सहारनपुर के देवबंद में छापेमारी की.. इस दौरान देवबंद का एक छात्र हिरासत में लिया गया है। इस छात्र का नाम फारुख है जिसका कर्नाटक के IS मॉड्यूल से कनेक्शन सामने आया है। खुलासा हुआ है कि फारुख बैन संगठन के वाट्सएप ग्रुप से जुड़ा हुआ था। साथ ही कई भाषाओं का ज्ञान भी फारुख को है जिसका इस्तेमाल वो आतंकी साहित्य के अनुवाद में करता था।  फिलहाल NIA फारुख से पूछताछ कर रही है। 

टेरर मॉड्यूल की तलाश में NIA ने 6 राज्यों के 18 ठिकानों पर छापे मारे हैं। NIA ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात,कर्नाटक, महाराष्ट्र और बिहार में छापेमारी की है उधर धर्म के नाम पर देश को बांटने वालों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए शनिवार को दिल्ली में एक सद्भावना बैठक हुई। इस बैठक में सभी धर्मों के धर्मगुरुओं ने एक मंच पर रहकर एकता और शांति का संदेश दिया । दिल्ली में ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल इंटरफेथ कॉन्फ्रेंस की बैठक हुई जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवल भी मौजूद रहे। इस बैठक में 6 सूत्रीय एजेंडा भी पास किया गया जिसमें 'सर तन से जुदा' जैसे नारों पर बैन लगाने की मांग की गई। तालिबानी विचारधारा को ग्राउंड पर जाकर काउंटर करने पर जोर दिया गया
PFI के खिलाफ सबूत होने पर उसे तुरंत बैन करने की मांग की गई, ईशनिंदा कानून बनाया जाए की मांग रखी गई।

आज के सवाल- 

AMU, जामिया में जिहादी पाठ पढ़ाने का सच क्या ? 
देवबंद तक पहुंची NIA टीम, आतंक का कहां तक कनेक्शन?
देश को बांटने की साजिश..PFI-ISIS पर ताला लगेगा ? 
 

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