उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के आखिरी शब्द- मैं जीना चाहती हूं, पांच नाम दुनिया में नहीं रहने चाहिए

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Updated Dec 07, 2019 | 16:25 IST

Last words of Unnao rape Victim: उन्नाव गैंगरेप पीड़िता की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में शुक्रवार रात मौत हो गई। मरने से पहले पीड़िता ने डॉक्टर से कहा मैं जीना चाहती हूं।

Last words of Unnao rape Victim before her death
उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के आखिरी शब्द- मैं जीना चाहती हूं, पांच नाम दुनिया में नहीं रहने चाहिए  |  तस्वीर साभार: BCCL

मुख्य बातें

  • दुनिया छोड़ने से पहले वो कह गई थी कि पांच नाम इस दुनिया में नहीं रहने चाहिए- पीड़िता का भाई
  • पीड़िता के पिता बोले- आरोपियों को हैदराबाद मामले की तरह ही दौड़ाकर गोली मार देनी चाहिये
  • पीड़िता को एयरलिफ्ट करके लखनऊ से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया था

नई दिल्ली: उन्नाव गैंगरेप पीड़िता का शुक्रवार रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में निधन हो गया है। 95 फीसदी जलने के बाद पीड़िता को एयरलिफ्ट करके दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ईलाज के दौरान पीड़िता ने अपने भाई से कहा था कि मैं मरना नहीं चाहती हूं, हमें बचा लीजिए। पीड़िता के भाई ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मेरी बहन अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन दुनिया छोड़ने से पहले वो कह गई थी कि पांच नाम (आरोपी) इस दुनिया में नहीं रहने चाहिए।'

सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी की जंग हार चुकी 23 वर्षीय पीड़िता के पिता ने न्याय की गुहार लगाते हुए मीडिया से कहा,  'मुझे रूपया-पैसा-मकान कुछ नहीं चाहिये। मुझे इसका लालच नहीं है, बस जिसने मेरी बेटी को इस हालत में पहुंचाया है, उसे हैदराबाद मामले की तरह ही दौड़ाकर गोली मार देनी चाहिये या फिर तत्‍काल फांसी दी जानी चाहिये।'

वहीं पीड़िता के भाई ने कहा कि उसकी बहन को तब न्याय मिलेगा जब उसके साथ क्रूरता करने वाले उन सभी आरोपियों का भी वही हश्र हो जो उसकी बहन ने झेला। उन्होंने कहा, ‘उसने मुझसे मिन्नत की कि भाई मुझे बचा लो। मैं बहुत दुखी हूं कि मैं उसे बचा नहीं सका।’उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल लोगों को या तो मुठभेड़ में मारा जाए या फांसी पर लटका दिया जाए। उन्हें जीने का कोई हक नहीं है।

आपको बता दें कि गुरुवार सुबह जब पीड़िता कोर्ट के लिए जा रही थी तभी आरोपी अपने साथियों के साथ आए और पेट्रोल छिड़कर पीड़िता को जिंदा जला दिया। इस दौरान पीड़िता काफी दूर तक भागती रही। बाद में पीड़िता को लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से उसे दिल्ली एयरलिफ्ट किया गया।

 

 

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