Ladakh:गलवान इलाके में चीनी सेना 2.5 किमी पीछे हटी, बातचीत का दिखा असर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 9, 2020, 08:19 PM IST

Ladakh:गलवान इलाके में चीनी सेना 2.5 किमी पीछे हटी है। बताया जा रहा है कि 6 जून को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बातचीत का सकारात्मरक असर दिखाई दे रहा है।

Ladakh:गलवान इलाके में चीनी सेना 2.5 किमी पीछे हटी, बातचीत का दिखा असर

नई दिल्ली। मई के शुरुआती दिनों में चीन की तरफ ले लद्दाख के पूर्वी सेक्टर में एलएसी के पास चीन की तरफ से जब हरकत हुई तो भारत के सामने प्रतिरोध के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। चीन के सैनिकों के जमावड़े के जवाब में भारत की तरफ से पांच हजार सैनिकों की तैनाती करते हुए यह साफ कर दिया कि अगर कूटनीति से विवाद नहीं सुलझा तो आगे का रास्ता भी है। इसके बाद चीन की तरफ से महत्वपूर्ण बयान आया कि ड्रैगन और हाथी के दूसरे के साथ डांस करते हैं और अब जो नतीजा सामने आया है उसके मुताबिक   गलवान इलाके में चीनी सेना 2.5 किमी पीछे हट चुकी है।  

पैंगोंग सो इलाके में हुई थी हिंसक झड़प
भारतीय और चीनी सैनिकों में पैंगोंग सो इलाके में पांच मई को हिंसक झड़प हुई थी जिसके बाद से दोनों पक्ष वहां आमने-सामने थे और तनाव बरकरार था। बताया जा रहा है कि 2017 के डोकलाम घटना बाद सबसे बड़ा सैन्य गतिरोध जारी थी। विवाद को खत्म करने के लिए लेह स्थित 14वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और तिब्बत मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के कमांडर मेजर जनरल लियु लिन ने शनिवार को चीनी पक्ष मोल्डो में  व्यापक बातचीत की। 

6 जून को हुई थी लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बातचीत
चीनी विदेश मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में कहा था कि दोनों देशों के बीच संवाद के जरिए मतभेदों को सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ना है। यब बात सही है कि भारत और चीन के बीच कई तरह के मतभेद हैं लेकिन यह जरूरी है कि मतभेद विवाद की शक्ल अख्तियार न करें। लेफ्टिनेंट जनरल की बातचीत में दोनों पक्ष इस पर सहमत थे कि इस मुद्दे का शीघ्र समाधान दोनों देशों के बीच रिश्तों को और विकसित करने में मदद करेगा।चीनी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों देश वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति कायम रखने और बातचीत के जरिये गतिरोध को सुलझाने पर सहमत हैं।



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