'दुनिया को अंधभक्तों की फौज से लेना होगा सबक', कुमार विश्वास ने की अमेरिकी संसद पर हुए हमले की आलोचना

देश
किशोर जोशी
Updated Jan 08, 2021 | 12:57 IST

अमेरिकी संसद पर हुए हमले की दुनियाभर के नेताओं ने आलोचना की है। इस बीच कवि और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास ने अपने अंदाज में इस हमले की आलोचना की है।

Kumar vishwas tweets on Capitol hill violence of USA America
विश्वास बोले- दुनिया को अंधभक्तों की फौज से लेना होगा सबक 

मुख्य बातें

  • अमेरिकी संसद पर हुए हमले की दुनियाभर के नेताओं ने की आलोचना
  • कवि कुमार विश्वास ने ट्वीट कर हिंसा को लेकर अपने अंदाज में कसा तंज
  • सभ्य नागरिकों को इस घटना,इसके नमूने-नियामक व उसके अंधभक्तों की फ़ौज से सबक़ लेना होगा- विश्वास

नई दिल्ली: अमेरिका में राष्ट्रपति के चुनाव नतीजों के बाद से जारी गतिरोध के बीच गुरुवार को वाशिंगटन में हिंसक प्रदर्शन हुए हुए और डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों द्वारा अमेरिका के कैपिटल (संसद भवन) पर हमला कर दिया गया। इस हिंसा की पीएम मोदी सहित दुनियाभर के नेताओं ने निंदा की है और इसे अप्रत्याशित, दुखद और खौफनाक बताया है। वहीं कवि और लेखक कुमार विश्वास ने भी इस घटना की आलोचना करते हुए कहा कि दुनियाभर को अंधभक्तों की इस फौज से सबक लेना होगा।

विश्वास का ट्वीट
विश्वास ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'वर्चस्ववादी,आत्ममुग्ध और “बस मैं ही मैं” गाने-कहने-जीने वाले नायकों के अंधे तर्कशून्य अनुयायी,किसी उन्नततम देश तक को किस गर्त में ले जा सकते हैं  यूएस कैपिटल इसका ताज़ा सबूत है। विश्वभर के देशों,सभ्य नागरिकों को इस घटना,इसके नमूने-नियामक व उसके अंधभक्तों की फ़ौज से सबक़ लेना होगा।' दरअसल यूएस कैपिटल में हजारों ट्रंप समर्थकों ने कैपिटल बिल्डिंग में घुसकर संसद के संयुक्त सत्र को बाधित करने की कोशिश की। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत संयुक्त सत्र में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन की जीत की पुष्टि होनी थी।

पीएम मोदी का ट्वीट
इस हमले की दुनियाभर के नेताओं और प्रमुखों ने आलोचना की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गैरकानूनी प्रदर्शनों से बदलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा, 'वाशिंगटन डीसी में हिंसा और दंगे की खबरों से चिंतित हूं। सत्ता का सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण हस्तांतरण जारी रहना चाहिए। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गैरकानूनी प्रदर्शनों के जरिए बदलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।'

वैश्विक नेताओं ने की निंदा
न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेंसिंडा आर्डन ने एक बयान में कहा कि ‘जो हो रहा है, वह गलत है। लोकतंत्र में लोगों के पास मतदान करने का, अपनी बात रखने और फिर उस फैसले को शांतिपूर्ण तरीके से मनवाने का अधिकार होता है। इसे भीड़ द्वारा उलटा नहीं जाना चाहिए।’ वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ट्वीट किया, ‘अमेरिकी संसद परिसर में अशोभनीय दृश्य देखने को मिले। अमेरिका विश्व भर में लोकतंत्र के लिए खड़ा रहता है। यह महत्वपूर्ण है कि सत्ता हस्तांतरण शांतिपूर्ण और तय प्रक्रिया के तहत उचित तरीके से हो।’

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने अमेरिका में हिंसा की घटनाओं को दुखद बताया। उन्होंने कहा, ‘वाशिंगटन में हंगामे और प्रदर्शन की घटनाएं व्यथित करने वाली हैं। ये चिंताजनक है।’ वहीं संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, ‘महासचिव वाशिंगटन डीसी के यूएस कैपिटल में हुई घटनाओं से दुखी हैं। ऐसी स्थिति में, यह महत्वपूर्ण है कि राजनीतिक नेता अपने समर्थकों को हिंसा से दूर रहने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया और कानून के शासन में विश्वास करने के लिए राजी करें।’

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