Corona Vaccination: तीसरी लहर की आशंका के बीच दूसरे डोज के लिए लोगों में उत्साह कम, कैसे लड़ी जाएगी लड़ाई

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 25, 2021, 11:03 AM IST

देश में इस समय 69 करोड़ से ज्यादा डोज लगाए जा चुके हैं। लेकिन परेशानी की बात यह है कि सेकेंड डोज के लिए लोग वैक्सीनेशन सेंटर पर जाने से कतरा रहे हैं।

Corona Vaccination: तीसरी लहर की आशंका के बीच दूसरे डोज के लिए लोगों में उत्साह कम, कैसे लड़ी जाएगी लड़ाई

कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में वैक्सीनेशन यानी टीका सबसे बड़ा हथियार है, लेकिन शर्त यह है कि ज्यादा से ज्यादा लोग टीकाकरण कराएं यानी कि दोनों डोज लगवाएं। इस संबंध में एम्स झज्जर ने एक रिपोर्ट भी पेश की थी जिन लोगों ने टीका के दोनों डोड लगवाए थे उनके भर्ती होने की दर महज .3 फीसद थी। लेकिन सूरत से जो खबर सामने आई है वो परेशान करने वाली है। अब जबकि तीसरी लहर की आशंका भी जताई जा रही है इस तरह की तस्वीर हैरान करने वाली है। 

नॉक द डोर कैंपेन
सूरत के डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर डॉ आशीष नाइक के मुताबिक सेकेंड डोज के लिए लोगों की दस्तक वैक्सीनेशन सेंटर पर कम है और यह चिंता वाली बात है। इस तरह की चुनौती का सामना करने के लिए हमने नॉक द डोर अभियान चलाया है। इस मुहिम में पहले डोज लेने वालों को बताया जा रहा है कि आप के निकट के सेंटर में वैक्सीन उपलब्ध है, इस अभियान से निश्चित तौर पर पूर्ण टीकाकरण में मदद मिलेगी। 


37, 593 केस दर्ज
अगर पूरे देश में कोरोना केस को देखें तो पिछले 24 घंटों में कुल 37,593 केस दर्ज किए गए हैं, जबकि ठीक होने वालों की संख्या 34,169 है, देश में इस समय कोरोना के सक्रिय केस तीन लाख 22 हजार तीन सौ सत्ताइस हैं, इस समय सिंगल और डबल दोनों मिलाकर 59 करोड़ से अधिक डोज दिए जा चुके हैं। 

तीसरी लहर की आहट
तीसरी लहर के संबंध में कहा जा रहा है कि अक्टूबर के अंत कोरोना केस एक बार फिर अपने चरम पर होगा। उस हालात से निपटने के लिए पीएम मोदी के साथ स्वास्थ्य और नीति आयोग के अधिकारियों ने बैठक की थी। कुछ लोगों का कहना है कि अक्टूबर के अंत तक कोरोना केस अपने पीक पर हो सकते हैं, तो दूसरी तरफ विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या विश्वनाथन का कहना है कि यह कोई क्रिस्टल बॉल नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर बात भारत की करें तो यहां पर जनसंख्या के आकार और स्वरूप में अंतर होने की वजह से उतार-चढ़ाव आते रहेंगे और उम्मीद है कि दिसंबर 2022 के बाद हालात सामान्य हो जाएंंगे। 

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