Karnataka: नए मंत्रिमंडल का गठन, किसी ने गोमूत्र तो किसी ने किसानों के नाम पर ली शपथ

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 4, 2021, 05:10 PM IST

Karnataka cabinet: कर्नाटक में नए मंत्रिमंडल का गठन हो गया है। कुल 29 मंत्रियों ने आज शपथ ग्रहण की। पिछले हफ्ते बसवराज बोम्मई ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

Karnataka: नए मंत्रिमंडल का गठन, किसी ने गोमूत्र तो किसी ने किसानों के नाम पर ली शपथ

नई दिल्ली: कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में शामिल किए गए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह बुधवार दोपहर बेंगलुरु के राजभवन में आयोजित किया गया। सीएम बोम्मई ने पिछले सप्ताह शपथ ली थी। आज राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने नई मंत्रिपरिषद को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री समारोह में शामिल रहे।

कुल 29 भाजपा विधायकों ने शपथ ली और दिलचस्प बात यह है कि उनमें से कई ने किसानों, भगवान और गोमूत्र का नाम लेकर शपथ ग्रहण की। आनंद सिंह ने विजयनगर विरुपाक्ष और 'थायी' (मां) भुवनेश्वरी (कर्नाटक में एक पूजनीय देवी) के नाम पर शपथ ली। प्रभु चौहान ने जहां गोमूत्र के नाम पर शपथ ली, वहीं लिंगायत उप संप्रदाय के  लोकप्रिय नेता मुरुगेश निरानी ने देवताओं और किसानों के नाम पर ऐसा किया।

मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने पहले घोषणा की कि इस बार कोई उपमुख्यमंत्री नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के छोटे बेटे और राज्य भाजपा उपाध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र आज शपथ लेने वाले मंत्रियों में से नहीं हैं। शपथ ग्रहण समारोह से पहले बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था, 'कुल 29 मंत्री शपथ लेंगे। बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली पिछली कैबिनेट में तीन डिप्टी सीएम थे, लेकिन इस बार आलाकमान के निर्देश के अनुसार कोई नहीं होगा।'

उन्होंने कहा, 'कैबिनेट अनुभव और नई ताकत दोनों का मिश्रण होगा। कैबिनेट में 7 ओबीसी, 3 एससी, 1 एसटी, 7 वोक्कालिगा, 8 लिंगायत, 1 रेड्डी भी होंगे, इनमें एक महिला भी है।'  

बोम्मई ने कहा कि नया मंत्रिमंडल लोगों की आवश्यकताओं पर ध्यान देगा, उनका विश्वास हासिल करेगा और सुशासन देगा। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल गठन के संबंध में कोई भ्रम नहीं था। उन्होंने कहा कि भाजपा एक राष्ट्रीय पार्टी है जिसका मजबूत नेतृत्व है। कुछ मंत्री पदों को खाली रखे जाने के एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार आम तौर पर चरणों में होता है। अगर किसी क्षेत्र को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है तो उसे अगले मंत्रिमंडल विस्तार में जगह दी जाएगी। कर्नाटक मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 34 तक हो सकती है। 

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