Kanwar Yatra: यूपी सरकार के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान, अदालत ने पूछा सवाल

देश
ललित राय
Updated Jul 14, 2021 | 12:18 IST

कांवड़ यात्रा पर उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट से खुद संज्ञान लिया है। अदालत ने सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता से कुछ सवाल भी किए।

Kanwar Yatra, Uttar Pradesh, Uttarakhand, Yogi Adityanath Sarkar, Pushkar Singh Dhami, Supreme Court, India
यूपी सरकार ने कांवड़ यात्रा को दी है अनुमति, सुप्रीम कोर्ट की नजर 

मुख्य बातें

  • 25 जुलाई से 6 अगस्त तक होनी है कांवड़ यात्रा, यूपी सरकार की हरी झंडी पर सुप्रीम कोर्ट की नजर
  • उत्तराखंड सरकार ने यात्रा को निलंबित करने का निर्णय लिया
  • सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए 16 जुलाई की तारीख तय की

25 जुलाई से 6 अगस्त तक इस वर्ष कांवड़ यात्रा होनी है लेकिन कोरोना की वजह से इस यात्रा को जनसामान्य के लिए खतरनाक बताया जा रहा है। यूपी सरकार की तरह उत्तराखंड सरकार ने भी पहले यात्रा को हरी झंडी दी थी। लेकिन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के खत के बाद उत्तराखंड सरकार ने यात्रा को निलंबित करने का फैसला किया। लेकिन मीडिया में जब इस विषय पर यूपी सरकार के फैसले की जानकारी दी गई तो सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया और सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता से सवाल किया। 

जस्टिस रोहिंटन नरीमन ने क्या कहा
कोविड -19 की संभावित तीसरी लहर की आशंका के बीच, उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा को स्थगित कर दिया है, यहां तक ​​​​कि पड़ोसी उत्तर प्रदेश वार्षिक अनुष्ठान के साथ आगे बढ़ रहा है, जिसमें उत्तरी बेल्ट में राज्यों में तीर्थयात्रियों की भारी आवाजाही देखी जाती है। आज मीडिया में कुछ परेशान करने वाला है कि यूपी राज्य ने कांवड़ यात्रा जारी रखने के लिए चुना है, जबकि उत्तराखंड राज्य ने अपने अनुभव के साथ कहा है कि कोई यात्रा नहीं होगी।

हम जानना चाहते हैं कि संबंधित सरकारों का क्या रुख है। भारत के नागरिक पूरी तरह से हैरान हैं। उन्हें नहीं पता कि क्या हो रहा है। और यह सब प्रधान मंत्री के बीच, जब राष्ट्र में कोविड की तीसरी लहर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'हम एक बिट भी समझौता नहीं कर सकते'। हम केंद्र, यूपी राज्य और उत्तराखंड राज्य को नोटिस जारी कर रहे हैं और क्योंकि यात्रा 25 जुलाई से निकलने वाली है, हम चाहते हैं कि वे जल्द से जल्द जवाब दाखिल करें ताकि मामले की सुनवाई शुक्रवार को हो सके।

अदालत ने मीडिया में उस रिपोर्ट का संज्ञान लिया जिसमें जिक्र था कि 2019 कांवड़ यात्रा में उत्तराखंड में करीब 3.5 करोड़ कांवड़िए शामिल हुए थे और इसके साथ ही पश्चिम उत्तर प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में करीब 2.5 करोड़ कांवड़िए शामिल हुए। लेकिन उस दफा हालात सामान्य थे। अगर बात मौजूदा समय की करें तो कोविज के खतरे के बीच देश गुजर रहा है। 

India News in Hindi (इंडिया न्यूज़), Times now के हिंदी न्यूज़ वेबसाइट -Times Network Hindi पर। साथ ही और भी Hindi News (हिंदी समाचार) के अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें.

Times now
Mirror Now
ET Now
zoom Live
Live TV
अगली खबर