कलकत्ता हाई कोर्ट से ममता को झटका, राजनीतिक हिंसा मामले में आदेश पर नहीं लगेगी रोक

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 21, 2021, 12:33 PM IST

West Bengal: कलकत्ता हाई कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह 18 जून को जारी अपने आदेश पर रोक नहीं लगाएगा। कोर्ट ने ममता सरकार से अपना पक्ष NHRC के समक्ष रखने के लिए कहा है।

कलकत्ता हाई कोर्ट से ममता को झटका, राजनीतिक हिंसा मामले में आदेश पर नहीं लगेगी रोक

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा मामले में ममता सरकार को कलकत्ता उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली है। उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह 18 जून के अपने फैसले पर रोक नहीं लगाएगा। अदालत ने कहा है कि इस मामले में राज्य सरकार को जो कुछ भी कहना है कि वह राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के समक्ष कहे। बता दें कि बंगाल में दो मई को आए चुनाव नतीजों के बाद राज्य में कई जगहों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यालय एवं उसके कार्यकर्ताओं पर हमले हुए थे। 

हिंसा प्रभावित इलाके का दौरा करेगी एनएचआरसी की समिति  
इस राजनीतिक हिंसा मामले की जांच के लिए हाई कोर्ट में जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं जिस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने एनएचआरसी को एक समिति गठित करने का आदेश दिया है। यह समिति हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा कर अपनी रिपोर्ट 30 जून तक कोर्ट को सौंपेगी। ममता सरकार ने हाई कोर्ट से उसके इस फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी। 

जनहित याचिकाओं पर कोर्ट ने सुनाया है फैसला
बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हुई हिंसा की जांच के लिए दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए गत शनिवार को हाई कोर्ट ने आदेश पारित किया। अपने आदेश में कोर्ट ने एनएचआरसी से मानवाधिकार के कथित उल्लंघन मामलों की जांच करने के लिए एक समिति गठित करने के लिए कहा। ममता सरकार ने हाई कोर्ट से उसके फैसले पर रोक लगाने की अपील की। ममता सरकार ने कहा कि वह झड़प और हिंसा की शिकायतों पर राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी कोर्ट को देगी। 

'बड़ी संख्या में लोग हुए विस्थापित'
याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि चुनाव बाद हुई हिंसा में राजनीतिक झुकाव वाले लोगों के हमलों में लोग विस्थापित हुए, उन पर हमले हुए और कार्यालय एवं संपत्तियों में लूटपाट एवं आगजनी हुई। राज्य सरकार का तर्क है कि हिंसा मामले में उसका पक्ष सुने बिना कोर्ट ने अफना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने समिति से उन उपायों के बारे में भी बताने के लिए कहा है जिनसे लोगों में विश्वास की बहाली हो। 

भाजपा ने टीएमसी पर लगाया है आरोप
कोर्ट ने कहा है कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान होनी चाहिए। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का आरोप है कि चुनाव बाद टीएमसी के नेताओं के इसारे पर उसके कार्यकर्ताओं पर हमले हुए और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। पश्चिम बंगाल चुनाव में टीएमसी को भारी जीत मिली जबकि भाजपा 77 सीट जीतने में कामयाब हुई।  

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