बंगाल CID का दावा, दिल्ली और असम पुलिस ने कार्रवाई से रोका, टीम को हिरासत में लिया

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 4, 2022, 11:07 AM IST

Jharkhand Cash Seizure Case: पश्चिम बंगाल की सीआईडी ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस और असम पुलिस ने उसे न केवल कार्रवाई करने से रोका है। बल्कि उनकी टीम को हिरासत में भी ले लिया है।

बंगाल CID का दावा, दिल्ली और असम पुलिस ने कार्रवाई से रोका, टीम को हिरासत में लिया
Photo Credit: ANI

Jharkhand Cash Seizure Case:झारखंड में कांग्रेस के तीन विधायकों के पास कैश जब्त होने का मामला अब नए रंग ले रहा है। पश्चिम बंगाल की सीआईडी ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस ने बुधवार को उसकी एक टीम को दिल्ली में कार्रवाई से न केवल रोका बल्कि उसे हिरासत में ले लिया है। सीआईडी ने इसी तरह का आरोप असम पुलिस पर भी लगाया है। उसका कहना है कि गुवाहाटी में भी तीन विधायकों के पास कैश जब्त होने के मामले में कार्रवाई करने से रोका गया है।

दिल्ली-असम में क्या कर रही है सीआईडी

पश्चिम बंगाल सीआईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार एक इंसपेक्टर, एक एएसआई और दो एसआई समेत कुल चार अधिकारियों को अदालती वारंट होने के बावजूद नई दिल्ली में साउथ कैंपस थाना क्षेत्र में छापा मारने से रोककर हिरासत में ले लिया गया। इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल सरकार तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम दिल्ली भेज रही है, जिनमें एक एडीजी और दो आईजी रैंक के अधिकारी हैं। वहीं इस मामले पर दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसने तलाशी वारंट  में कुछ 'कानूनी विसंगतियां' पाए जाने से पहले सीआईडी ​​टीम को सभी सहायता प्रदान की थी।

इसी तरह बंगाल सीआईडी की एक टीम मामले की जांच करने गुवाहाटी गई थी। सीआईडी सूत्रों के मुताबिक सीआईडी के एक सब इंस्पेक्टर सहित चार को उस समय असम पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जब वे गुवाहाटी के एयरपोर्ट से सीसीटीवी फुटेज मांग रहे थे।

इस बीच, कोलकाता में एक टीम ने व्यवसायी महेंद्र अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। सीआईडी ने अग्रवाल को ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाईपास से गिरफ्तार किया। लेकिन उसे गिरफ्तार करने के बाद कार से भवानी भवन जाते समय रास्ते में उसकी तबीयत खराब हो गई। बाद में उसे अस्पताल में भर्ची करा दिया गया है। गौरतलब है कि झारखंड कांग्रेस के तीन विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सल कोंगारी जिस कार में यात्रा कर रहे थे, उसमें से 49 लाख रुपये जब्त होने के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। और बाद में पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था।

लगातार घिर रही है झारखंड सरकार

झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार इस समय कई मुश्किलों का सामना कर रही है। पहले सीनियर आईएएस पूजा सिंघल की गिरफ्तारी और उसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा भी ईडी के शिकंजे में आ गए।  सोरेन के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद पिंटू भी ईडी के रडार पर है। और इसके बाद गठबंधन की साथी कांग्रेस के तीन विधायक कैश मामले में गिरफ्तार हो गए। साफ है कि हेमंत सोरेन सरकार चौतरफा घिर रही है।
 

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