लद्दाख में क्या अपने ही चक्रव्यूह में उलझ गया है चीन ? बाहर निकलने का ढूंढ रहा है रास्ता  

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 14, 2020, 11:42 AM IST

सारी बीच नारी है कि नारी बीच सारी ! लद्दाख में भारतीय सेना है या भारतीय सेना में लद्दाख, कुछ ऐसा सोचकर चीन का माथा अब चकरा रहा है।  

लद्दाख में क्या अपने ही चक्रव्यूह में उलझ गया है चीन ? बाहर निकलने का ढूंढ रहा है रास्ता  

नई दिल्ली: बड़े दल-बल के साथ चीन ने लद्दाख में अपना सिक्का जमाने की कोशिश की थी, लेकिन उसके ही एक-एक दांव पर जिस तरह से भारत माता के वीर सपूत उसे पटखनी दे रहे हैं, उससे ड्रैगन भी हैरान है। जिस चाल में वह भारत को फंसाने की कोशिश कर रहा था अब वह उसी जाल में फंसा हुआ नजर आ रहा है। चीन को अब समझ नहीं आ रहा है कि आखिर कैसे भारत उसे उसी के चक्रव्यू में फंसा रहा है।  

टैंक और तोपों का जवाब उसी से  

पूर्वी लद्दाख के पैन्गोंग त्सो के दक्षिणी इलाके स्पांगुर गैप में चीन ने अपनी सेना की मजबूती बढ़ाने के लिए भरी संख्या में सैनिकों, तोपों और युद्ध टैंकों की तैनाती की। चीन की इस चाल का जवाब भारत ने भी इसी अंदाज में दिया। खबरों के मुताबिक भारतीय सेना ने इस इलाके में सेना, तोपों और टैंकों को मुस्तैदी से तैनात कर दिया है। भारतीय सेना लगातार अलर्ट पर है। दुश्मन की तरह से एक कदम बढ़ाए जाने पर भारतीय सेना उसके कदमों की चाल को शून्य में परिवर्तित करने के लिए तैयार बैठे हैं। 

चीन अपने ही चक्रव्यू में फंस रहा है 

गलवान घाटी में जिस तरह से चीन ने दबे पांव ऊँची पहाड़ियों पर अपना कब्जा जमाया था, ठीक उसी की तर्ज पर भारतीय सेना ने पैंगोग त्सो के दक्षिणी छोर की ऊँची पहाड़ियों पर दबदबा बनाकर चीन को उसी की चाल से मात दी है।  रातों रात दिए गए ऑपरेशन से चीन बुरी तरह बौखलाया हुआ है।

बात तो बहाना है, अगली चाल में तुम्हें हराना है  

चीन दुनिया में खुद को सबसे अधिक समझदार समझता है। भारत के साथ पहले तकरार और फिर दुनिया का ध्यान खींचने के लिए वो बातचीत की अगुआई करता है। लेकिन सत्य कुछ और ही रहता है। इधर दोनों देशों के मुख्य प्रतिनिधि बात करते और पीछे से चीन भारत के खिलाफ साजिश रचकर भारत की सीमा में दाखिल होने की फिराख में रहता। इस बार भारत ने भी चीन की ही चाल चली। बातचीत की अगुआई जब भी चीन की तरफ से हुई भारत ने उसका स्वागत किया, लेकिन साथ ही चीन की ओछी हरकत का जवाब देने के लिए सीमा के आसपास सैनिकों की मुस्तैदी बढ़ा दी। यही कारण है कि चीन को अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है। उसके समझ से इस नए भारत की चीते की चाल समझ से कोसों दूर है।  

चौतरफा घिरा चीन

भारत-चीन सीमा पर जो तनाव चल रहा है, उससे न तो देश और न ही दुनिया के बाकी देश अनभिज्ञ हैं। खुद चीन भी जानता है कि भारत पाकिस्तान या कोई और देश नहीं है, जिसपर उसकी दादागिरी चलेगी। भारत को आंख दिखाने का नतीजा चीन को चौतरफा तरीके से झेलना पड़ रहा है. व्यवसाय से लेकर सीमा तक, हर जगह उसे उसी के चक्रव्यू में भारत मात दे रहा है।  

End of Article