अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए किया गया ट्रस्ट का गठन, होंगे 15 सदस्य

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 29, 2020, 05:27 PM IST

Mosque in Ayodhya: उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए ट्रस्ट का ऐलान कर दिया है। इसमें 15 सदस्य होंगे। फिलहाल नौ सदस्यों के नाम घोषित किए गए हैं।

अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए किया गया ट्रस्ट का गठन, होंगे 15 सदस्य

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए किया ट्रस्ट का ऐलान कर दिया है। ट्रस्ट का नाम इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन है। ट्रस्ट में अधिकतम 15 ट्रस्टी होंगे। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष जुफर अहमद फारुकी ने कहा, 'वक्फ बोर्ड द्वारा घोषित ट्रस्ट में फिलहाल नौ सदस्यों के नाम घोषित। बाकी छह का चुनाव इन सदस्यों की आम सहमति से होगा।' उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड फाउंडर ट्रस्टी होगा। बोर्ड ने इस साल फरवरी में अयोध्या के धन्नीपुर गांव में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दी गई 5 एकड़ जमीन को स्वीकार किया था। 

मस्जिद का निर्माण तुरंत शुरू नहीं हुआ। ट्रस्ट कोरोना महामारी के थमने का इंतजार करेगा। मस्जिद का वही आकार होगा, जो बाबरी मस्जिद का था। ट्रस्ट स्थानीय आबादी को सामुदायिक सेवा प्रदान करेगा, जिसमें चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाएं, सामुदायिक रसोई होंगे।

इससे पहले बोर्ड के अध्यक्ष जुफर अहमद फारुकी ने मंगलवार को 'भाषा' को बताया कि सरकार ने उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर अयोध्या जिले में सोहावल तहसील के धुन्नीपुर गांव में पांच एकड़ जमीन आवंटित तो कर दी है, लेकिन लॉकडाउन की वजह से औपचारिकताएं पूरी होने में कुछ कसर बाकी रह गई है। बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि ट्रस्ट में ऐसे लोगों को रखा जाएगा जो प्रगतिशील सोच के हों और मस्जिद तथा अन्य निर्माण कार्यों के लिए संसाधन जुटा सकें। उम्मीद है कि ट्रस्ट का गठन अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन के बाद हो सकेगा। उन्होंने बताया कि मस्जिद तथा अन्य निर्माण कार्यों के लिए धन का इंतजाम जन सहयोग से किया जाएगा या फिर व्यक्तिगत स्तर पर, इस बारे में फैसला ट्रस्ट ही लेगा।

उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जिसमें जमीयत उलेमा ए हिंद तथा अन्य प्रमुख मुस्लिम संगठन भी शामिल हैं, ने पहले ही एलान कर दिया था कि वह बाबरी मस्जिद के एवज में किसी और जगह पर जमीन नहीं लेगा, लिहाजा उन्हें उम्मीद नहीं है कि उस पांच एकड़ जमीन पर होने वाले निर्माण में इन संगठनों से कोई मदद मिल पाएगी।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 9 नवंबर को अपने ऐतिहासिक फैसले में अयोध्या के विवादित स्थल पर राम मंदिर का निर्माण करने और मुसलमानों को अयोध्या में ही किसी प्रमुख स्थान पर मस्जिद के निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन देने के आदेश दिए थे। इसके अनुपालन में सुन्नी वक्फ बोर्ड को पिछली फरवरी में अयोध्या की सोहावल तहसील स्थित धुन्नीपुर गांव में जमीन आवंटित की गई थी।

End of Article