भारत बना सच्चा पड़ोसी, भूटान, मालदीव को कोविड-19 वैक्सीन की पहली खेप, चीन का प्रभाव होगा कम

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 20, 2021, 04:49 PM IST

Bhutan Maldives receive Covishield: भारत ने बेहतर और अच्छे पड़ोसी का धर्म निभाते हुए कोरोना महासंकट से जूझ रहे मालदीव और भूटान को कोरोना वैक्‍सीन की पहली खेप भेज दी है।

भारत बना सच्चा पड़ोसी, भूटान, मालदीव को कोविड-19 वैक्सीन की पहली खेप, चीन का प्रभाव होगा कम

नयी दिल्ली: भारत ने सहायता अनुदान के तहत पड़ोसी एवं सहयोगी देशों को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति बुधवार को शुरू कर दी और इस श्रृंखला में भूटान और मालदीव को टीके की खेप भेजी गई । एयर इंडिया के विमान से ऑक्‍सफर्ड-एस्‍ट्राजेनेका की कोरोना वैक्‍सीन की एक लाख डोज मालदीव पहुंच गई है। वहीं भारत ने भूटान को भी कोविशिल्‍ड वैक्‍सीन की डेढ़ लाख डोज भेज दी है। भारत सरकार के इस प्रयास की मालदीव के पूर्व प्रधानमंत्री मोहम्‍मद नशीद ने खासी प्रशंसा की है।

नशीद ने ट्वीट करके भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार को विशेष रूप से धन्‍यवाद दिया। उन्‍होंने कहा कि भारत सरकार ने एक लाख वैक्‍सीन की डोज भेजी है। मालदीव के लिए यह भयानक वायरस से मुक्‍त होने की दिशा में शुरुआत है। विश्‍वसनीय मित्र भारत ने सुनामी, वर्ष 1988 के सैन्‍य विद्रोह, जल संकट और कोरोना वायरस संकट में सबसे पहले मदद दी है। 

वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट किया, 'भारत ने पड़ोसी एवं सहयोगी देशों को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति शुरू कर दी । पहली खेप भूटान के लिये रवाना हो गई।' उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, 'मालदीव के लिये कोविड टीके की खेप रवाना हुई।'

गौरतलब है कि मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत सहायता अनुदान के तहत भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमा, सेशेल्स को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में कहा था कि भारत वैश्विक समुदाय की स्वास्थ्य सेवा जरूरतों को पूरा करने के लिये ‘भरोसेमंद’ सहयोगी बनकर काफी सम्मानित महसूस कर रहा है और बुधवार से टीकों की आपूर्ति शुरू होगी तथा आने वाले दिनों में और काफी कुछ होगा।गौरतलब है कि भारत दुनिया के बड़े टीका निर्माताओं में से एक है और कोरोना वायरस का टीका खरीदने के लिये काफी देशों ने सम्पर्क किया है।

समझा जाता है कि पाकिस्तान को इसका फायदा नहीं मिलेगा क्योंकि अभी तक इस पड़ोसी देश ने भारत से सम्पर्क नहीं किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारत आगामी हफ्ते, महीने में चरणबद्ध तरीके से सहयोगी देशों को कोविड-19 टीकों की आपूर्ति करेगा।

भारत इस संबंध में श्रीलंका, अफगानिस्तान और मारिशस से टीके की आपूर्ति के लिये जरूरी नियामक मंजूरी की पुष्टि की प्रतीक्षा कर रहा है।गौरतलब है कि भारत ने देशभर में अग्रिम मोर्चे पर तैनात स्वास्थ कर्मियों को दो टीको कोविशिल्ड और कोवैक्सीन लगाने के लिये व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू किया है।

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