कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में ऐसी रही है भारत की प्रतिक्रिया, जानें कब से क्या-क्या कदम उठाए

भारत सरकार के अनुसार कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में हमारी प्रतिक्रिया एहतियात बरतने वाली, गंभीर और क्रमवार कदम उठाने की रही है। सरकार ने बताया भी है कि जनवरी से अब तक क्या-क्या कदम उठाए गए हैं।

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भारत में कोरोना वायरस का कहर 

नई दिल्ली: कोरोना वायरस का कहर दुनियाभर में बरपा है। अब भारत भी इसकी चपेट में आ रहा है, इसलिए इसके प्रकोप को रोकने के लिए 21 दिनों का राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन किया गया है। इसके अलावा कई और भी उपाय किए जा रहे हैं। लेकिन ऐसा नहीं है कि भारत अभी ही कोरोना को लेकर सतर्क हुआ है। भारत सरकार द्वारा बताया गया है कि कोविड महामारी पर भारत की प्रतिक्रिया शुरू से कैसी रही है।

कोविड-19 को लेकर भारत की प्रतिक्रिया एहतियात बरतने वाली, गंभीर और क्रमवार कदम उठाने की रही है। भारत WHO के कोविड-19 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित करने से काफी पहले ही व्यापक प्रतिक्रिया प्रणाली लागू कर चुका है। 

भारत ने किसी भी अन्य देश से पहले ही वीजा निलंबित होने के बाद वापस आने वाले हवाई यात्रियों की जांच की व्यवस्था लागू कर दी थी और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया था। चीन और हॉन्ग कॉन्ग से आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग 18 जनवरी से शुरू कर दी गई थी। हालांकि भारत में इसके कई दिन बाद 30 जनवरी, 2020 को कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था। 

अभी तक लिए गए क्रमवार फैसले निम्न लिखित हैं :

  • 17 जनवरी- चीन की यात्रा से परहेज करने के लिए सलाह जारी की गई है
  • 18 जनवरी- चीन और हॉन्ग कॉन्ग से आने वाले यात्रियों की थर्मल जांच
  • 30 जनवरी- चीन की यात्रा से बचने के लिए सख्त सलाह जारी की गई
  • 3 फरवरी- चीन के नागरिकों के लिए ई-वीजा की सुविधा निलंबित की गई।
  • 22 फरवरी- सिंगापुर की यात्रा से बचने की सलाह जारी की गई; काठमांडू, इंडोनेशिया, वियतनाम और मलयेशिया से आने वाली उड़ानों की पूर्ण जांच लागू।
  • 26 फरवरी- ईरान, इटली और कोरिया गणराज्य की यात्रा से बचने के लिए सलाह जारी की गई। इन देशों से आने वाले यात्रियों की जांच शुरू की गई, और जांच व जोखिम आकलन के आधार पर उन्हें क्वारंटाइन (एकांतवास) में भेजा जा सकता है।
  • 3 मार्च- इटली, ईरान, दक्षिण कोरिया, जापान और चीन के लिए सभी तरह के वीजा निलंबित किए गए; चीन, दक्षिण कोरिया, जापान, ईरान, इटली, हॉन्ग कॉन्ग, मकाऊ, वियतनाम, मलयेशिया, इंडोनेशिया, नेपाल, थाईलैंड, सिंगापुर और ताईवान से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आने वाले यात्रियों की अनिवार्य स्वास्थ्य जांच।
  • 4 मार्च- सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की व्यापक जांच। जांच और जोखिम विवरण के आधार पर क्वारंटाइन या एकांतवास के लिए घर या अस्पताल भेजना।
  • 5 मार्च- इटली या कोरिया गणराज्य से आने वाले यात्रियों से प्रवेश से पहले स्वास्थ्य प्रमाण पत्र हासिल करना जरूरी।
  • 10 मार्च, घर में एकांतवास- आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अपने स्वास्थ्य की खुद निगरानी करनी चाहिए और सरकार के निर्देशों का पालन करना चाहिए। क्या करें और क्या न करें : चीन, हॉन्ग कॉन्ग, कोरिया गणराज्य, जापान, इटली, थाईलैंड, सिंगापुर, ईरान, मलयेशिया, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी की यात्रा कर चुके यात्रियों को भारत में कदम रखने के बाद पहले 14 दिन तक घर पर ही क्वारंटाइन रहना होगा।
  • 11 मार्च- अनिवार्य क्वारंटाइन- 15 फरवरी, 2020 के बाद चीन, इटली, ईरान, कोरिया गणराज्य, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी से घूमकर आने वाले यात्रियों को कम से कम 14 दिन की अवधि के लिए क्वारंटाइन रखा जाएगा।
  • 16 मार्च- यूएई, कतर, ओमान और कुवैत से या वहां होकर आने वाले यात्रियों के लिए न्यूनतम 14 दिन के लिए विस्तृत अनिवार्य क्वारंटाइन। यूरोपीय संघ, यूरोपीय मुक्त व्यापार संगठन के सदस्य देशों, तुर्की और यूनाइटेड किंगडम से घूमकर आने वाले यात्रियों पर पूर्ण प्रतिबंध।
  • 17 मार्च- अफगानिस्तान, फिलीपींस, मलयेशिया से आने वाले यात्रियों पर पूर्ण प्रतिबंध
  • 19 मार्च- 22 मार्च से आने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को निलंबित किया गया
  • 25 मार्च- भारत को आने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के निलंबन को 14 अप्रैल 2020 तक के लिए बढ़ाया गया
     

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